बागपत। सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाना पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। कई गांव ऐसे हैं, जिनमें जमीन को लेकर तनाव बना हुआ है। पुलिस-प्रशासन की टीम का विरोध भी हुआ है। बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील से बार-बार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन अवैध कब्जों की स्थिति जस की तस बनीं हुई है।
केस-एक
बागपत। चंदायन गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने एलएमसी की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। बड़ौत तहसील में बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण मोहर सिंह, सोमदत्त और रामकुमार ने डीएम राजकमल यादव से जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
केस-दो
बागपत। रटौल के नगर पंचायत बन जाने के बाद यहां पर जमीन की पैमाइश शुरू की गई। प्रशासन ने लोगों को जमीन छोड़ने के लिए नोटिस जारी किए। इसका ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रशासन अभी तक जमीन को कब्जामुक्त नहीं करा पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन उनकी है।
केस-तीन
बागपत। जमीन पर कब्जे और जलनिकासी को लेकर रोशनगढ़ और दौलतपुर गांव के बीच तनाव बना हुआ है। आए दिन टकराव की स्थिति बनी रहती है। मगर, अभी तक प्रशासन समस्या का समाधान निकाल पाने में कामयाब नहीं हो सका है।
वर्जन
- सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि सरकार जमीन को कब्जामुक्त कराकर उसका सदुपयोग प्रशासन को करना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बाबत कड़े निर्देश दिए हैं।
- एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार सिंह का कहना है कि जिन जमीनों पर कब्जे हैं, उन्हें कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया चल रही है। कब्जा धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं।