पेशी पर आए योगेश भदौड़ा की खूब मनमर्जी चली।
- फोटो : amar ujala
बागपत में कानून है और खाकी की मौजूदगी भी, लेकिन इकबाल बुलंद है हथकड़ी में कैद हाथों का। पहले भी ऐसे नजारे देखने को मिले हैं और शुकवार को भी यही नजारा था। पेशी पर आए योगेश भदौड़ा की खूब मनमर्जी चली। उसने मिलने आए लोगों से गलबहियां कीं। अपनों से बतियाता रहा और इस बीच पुलिसकर्मी मौन खड़े रहे।
योगेश भदौड़ा शुक्रवार को बागपत कोर्ट में पेशी पर आया था। कचहरी पहुंचते ही उससे मिलने वालों का जमावड़ा लग गया। उनसे न केवल चलते-फिरते बातें कीं, बल्कि पेड़ के नीचे खड़े होकर करीब सवा घंटे तक मिलने आए लोगों से बतियाता रहा। इतना ही नहीं, उसने एक व्यक्ति से तो कान से मुंह सटाकर अलग से बातें कीं।
सामान का भी आदान-प्रदान हुआ। एक के साथ गलबहियां भी कीं। पास ही खड़े पुलिसवालों ने उसे टोकने की भी जरूरत नहीं समझी। यह हाल तब है, जब तीन सप्ताह पूर्व दो अपराधियों आकाश शामली और सचिन नंदा की आपस में बातें कराने पर पांच पुलिसवाले सस्पेंड हो चुके हैं।
इसके बावजूद पुलिसवाले लापरवाही कर रहे हैं। इन हालात में कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है। सीओ कर्मवीर सिंह का कहना है कि कचहरी में योगेश भदौड़ा ने लोगों से लंबी मुलाकात की, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पेशी के दौरान विरोधियों के निशाने पर
बागपत पुलिस ने पिछले साल बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि उनका प्लान योगेश भदौड़ा को पेशी के दौरान बागपत कचहरी में मारने का था।