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नन्हें मेहमानों ने दूर की लॉकडाउन की बोरियत

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बागपत सीएचसी में गौरीपुर गांव निवासी जच्चा चंचल चौहान अपनी नवजात बच्ची के साथ - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। लॉकडाउन में बच्चों का जन्म पीढ़ियों तक याद रहेगा। जिले में अब तक करीब पांच सौ बच्चों ने जन्म लिया है। अकेले बागपत और बड़ौत सीएचसी में ही तीन सौ बच्चों का जन्म हुआ है। सिजेरियन डिलीवरी के मामले मेरठ रेफर किए गए हैं। लोग एक तरफ लॉकडाउन की चिंता और उससे पैदा होने वाले हालात पर मंथन कर रहे हैं और दूसरी तरफ सैकड़ों घरों में खुशियां की किलकारियां गूंज रही है। बागपत सीएचसी में 89 डिलीवरी हुई जबकि 26 केस को रेफर किया गया। बड़ौत सीएचसी पर 185 डिलीवरी की गई। घरों में नए मेहमान के आने की खुशियां मनाई गई।
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गौरीपुर की चंचल पत्नी विशाल चौहान ने शनिवार को बेटी को जन्म दिया है। सास मीना की खुशी का ठिकाना नही है, वह बार-बार पोती का चेहरा निहार रही है।
अलावलपुर की महिला मंजू ने शनिवार को बड़ौत सीएचसी पर बेटे को जन्म दिया है। बेटे का जन्म होने पर महिला व उसका पति नीटू काफी खुश है।
बड़ौत सीएचसी पर ही बड़ौली की मीनू पत्नी हरमेल ने शनिवार की सुबह बेटी को जन्म दिया है। बेटी के जन्म पर महिला खुश है।
लुहारा गांव रेशमा पत्नी पवन ने 13 अप्रैल को अमीनगर सराय में बेटी को जन्म दिया है। यह उनकी पांचवीं बेटी है। पवन का कहना है कि उनके लिए बेटी ही बेटे के समान है।
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