-कभी लोहे का पाइप, कभी सबमर्सिबल पाइप तो अब टाइल्स रखकर रची जा रही साजिश
फोटो संख्या 4..
मुकेश पंवार
बड़ौत(बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर पहले भी दो बार ट्रैक के ऊपर पाइप रखे गए थे, मगर उनको रखने वालों का अभी तक पता नहीं लग सका है। इस तरह की घटनाएं लगातार होने पर दैनिक यात्री अब असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। साथ ही ट्रैक पर इस तरह से पाइप व टाइल्स रखने वालों का पता लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे बूढ़पुर हाल्ट के पास शामली से दिल्ली जा रही ट्रेन संख्या 64020 के ट्रैक पर इंटरलॉकिंग टाइल्स रखने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दो बार इस ट्रैक पर लोहे के पाइप रखे गए थे। 11 दिसंबर 2025 को बावली और कासिमपुर खेड़ी रेलवे स्टेशन के बीच दिल्ली से सूरतगढ़ जा रही मालगाड़ी के ट्रैक पर सबमर्सिबल पाइप रखे मिले। चालक की सतर्कता से पाइप हटाने के बाद मालगाड़ी सुरक्षित निकल गई।
एक जून 2025 को बलवा गांव के पास ट्रेन संख्या 64021 के सामने करीब 12 फीट लंबा मोटा लोहे का पाइप रखा मिला। चालक ने ट्रेन रोक दी। करीब एक घंटे तक ट्रेन जंगल में खड़ी रही। इन दोनों ही घटनाओं में शिकायत दर्ज की गई मगर लोहे के पाइप रखने वालों का पता नहीं लग सका। शामली के आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनित शर्मा के अनुसार पहले हुई घटनाओं व इस घटना में कोई जुड़ाव नहीं है। उन घटनाओं में जांच की गई थी। वहीं इसमें भी प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
-जांच के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
हर घटना के बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। ट्रैक किनारे के रास्तों और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की भी पड़ताल की गई, लेकिन अब तक किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो सकी। लगातार घटनाओं के बीच रात में रेल ट्रैक की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है।
-दैनिक यात्रियों ने जताई चिंता
हजारों यात्री इन ट्रेनों में सफर करते हैं। ट्रैक पर कभी पाइप तो कभी टाइल्स रखने की घटनाओं को लेकर रेलवे पुलिस और प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।- विजय कुमार, दैनिक यात्री
ट्रैक पर बार-बार इस तरह की घटनाएं होना चिंता का विषय है। रेलवे पुलिस और प्रशासन को रात में ट्रैक की निगरानी बढ़ानी चाहिए ताकि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। सत्यम तंवर, दैनिक यात्री