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फिजियोथैरेपिस्ट लिख रहे थे सीटी स्कैन, सीएमओ ने मांगा जवाब

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शिकायत के बाद बागपत में शुक्रवार को सी.टी.स्कैन के इंतजार में बैठे मरीज - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। सीटी स्कैन के दुरुपयोग का मामला लखनऊ तक गूंजा तो स्थानीय अधिकारी भी हरकत में आ गए। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने टीम के साथ शुक्रवार को सीटी स्कैन यूनिट का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि डॉक्टरों की पर्चियों पर एक व्यक्ति की दो-दो जांच लिखी हुई थी। संबंधित डॉक्टरों से जवाब तलब किया गया।
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शुक्रवार को सीएमओ ने सीटी स्कैन मशीन से निकालने वाली रेडिएशन किरणों की जानकारी ली। उन्होंने सीटी स्कैन के लिए भिजवाई गई डॉक्टरों की पर्चियों को देखा। फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर की भी पर्ची और दो उन डॉक्टरों की पर्चियां देखी, जिनको लखनऊ से आई डॉक्टरों की टीम ने देखा था। सीएमओ ने जवाब तलब किया। उन्हें सख्त हिदायत दी गई इस तरह की कार्रवाई गलत है। इससे विभाग की छवि खराब हुई है। उक्त डॉक्टरों पर जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगाया। साथ ही चार डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। पैनल की सिफारिश पर सीएमएस की स्वीकृति के बाद ही सीटी स्कैन होगा।
इसके बाद सीएमओ एनआरसी में निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां पर एक बच्चा भर्ती मिला, जिस पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। उसके बाद महिला अस्पताल स्थित सीएनसीयू पहुंचे। यहां पर सात बच्चे भर्ती मिले। डॉक्टरों को निर्देश दिए बच्चों को भर्ती करने में लापरवाही न बरती जाएं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. अशोक लाठियान, एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह, डॉ. दीपक मौजूद रहे।
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जांच के शिकंजे में सीटी स्कैन कराने वाले दलाल
बागपत। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में एक गिरोह सक्रिय है। इसके लिए जांच पड़ताल कराई जा रही है। गिरोह के लोग दूसरे जिले के लोगों के सीटी स्कैन कराने के लिए डॉक्टरों से मिलते थे। इसके बाद उनकी जांच हो जाया करती थी। सीएमओ ने बताया कि गिरोह का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों को दी हिदायत
बागपत। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन यूनिट में प्रत्येक माह में तीन से चार हजार सीटी स्कैन हो रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। इसके बाद एनएचएम की टीम यहां पहुंची। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों के साथ सीएमएस के कक्ष में बैठक की। कहा कि रेडिएशन मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। इसके बावजूद भारी संख्या में सीटी स्कैन उनकी ओर से कराया गया है, यह गलत है।
शिकंजा कसा तो केवल तीन जांच
बागपत। लखनऊ से पहुंची टीम की जांच के बाद सिटी स्कैन पर लगाम लगनी शुरू हो गई है। शुक्रवार को यूनिट पर केवल तीन जांचे की गई है। किसी भी डॉक्टर ने अनावश्यक व्यक्ति की जांच के लिए अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।
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