बिजरौल में किसानाें के धरने को संबोधित करते थांबा चौधरी यशपाल सिंह। स्रोत किसान
बड़ौत। बिजरौल गांव में अधिग्रहण से जमीन बचाने के लिए पिछले कई दिन से चल रहा किसान परिवाराें का धरना शनिवार को लोगों ने स्थगित कराया। वहीं बलवान व यशपाल पक्ष की ओर से एडीएम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए कागजात जमा कराए गए।
दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर निर्माण के लिए एक बीघा जमीन अधिग्रहण होने से बचाने के लिए बिजरौल गांव के किसान बलवान व यशपाल का परिवार कई दिन से धरने पर बैठा हुआ था। इनका आरोप है कि बिना मुआवजा दिए एनएचएआई के अधिकारी जमीन को अधिग्रहण करना चाहते हैं। शनिवार को भाकियू नेता राजेंद्र सिंह, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, विक्रम आर्य समेत अन्य लोगों ने किसान परिवारों का धरना स्थगित कराया।
बिना मुआवजे के जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई करने पर दोबारा से धरना शुरू करने की चेतावनी दी। वहीं किसान यशपाल ने बताया कि उन्होंने एडीएम कोर्ट में भूमि संबंधित कुछ कागजात जमा कराए गए है। वहां अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।