बागपत शुगर मिल में गन्ना ले जाने के बाद मोबाइल पर बजट की न्यूज देखते किसान
- फोटो : BAGHPAT
- किसानों का कहना है कि सम्मान निधि की धनराशि बढ़ाई जानी चाहिए थी
- किसानों को बीज, दवा और मशीनरी पर छूट का प्रावधान होना चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। किसान आंदोलन के बीच आए बजट से किसान नाखुश दिखे। किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि बढ़ने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बीज, खाद और दवा के लिए कोई एलान नहीं किया गया। किसानों का अभी तक भाव और भुगतान तक नहीं मिला है, ऐसे में आय कैसे दोगुनी होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का एलान किया है। किसान आंदोलन की वजह से सबको उम्मीद थी किसानों को लुभाने के लिए सरकार राहत या कोई नई घोषणा करेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सहकारी चीनी मिल बागपत पहुंचे सिसाना गांव के किसान कृष्णपाल का कहना है कि बजट में किसानों का ख्याल नहीं रखा गया है। सम्मान निधि की धनराशि बढ़ाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन कोई घोषणा नहीं की गई।
अग्रवाल मंडी टटीरी के किसान सचिन चौहान का कहना है कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। खेती में खर्च बढ़ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कृषि उपकरणों तक पर पर्याप्त छूट नहीं है। नैथला गांव के किसान सुशील कुमार का कहना है कि किसानों को बजट से निराशा ही हाथ लगी है। कोई बड़ी घोषणा किसानों के लिए नहीं की गई।