बड़ौत। कोरोना काल के 20 महीनों के बाद पाइल्स के मरीजों की संख्या 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गई है। चिकित्सक इसकी बड़ी वजह 5-6 घंटे तक बैठे रहने, व्यायाम नहीं करने और बिगड़े खानपान को मान रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार के अनुसार नगर में दो दर्जन से अधिक सर्जन हैं। इन पर औसतन रोजाना अब 20 से 25 मरीज तक पाइल्स की परेशानी के आ रहे हैं। कोरोना महामारी से पहले तक मरीजों की संख्या 5 से 10 तक रहती थी। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लगातार पांच-छह घंटे तक टीवी देखने, कंप्यूटर पर काम करने के लिए वह बैठे रहते थे। घर पर रहे तो खानपान अधिक हुआ। अधिक चटपटा भी खाया। इस दौरान व्यायाम छूट गया। चलना-फिरना भी कम हो गया। इससे कब्ज और पेट के विकार बढ़ गए। अब पाइल्स की परेशानी होने लगी है।
ये हैं बचाव के तरीके
बेहद चटपटा खाने से बचें।
पांच से छह लीटर रोजाना पानी जरूर पीएं।
तंबाकू खाने से बचें, फास्ट फूड से बचें।
हरी सब्जी, फल, चपाती, दालें अधिक खाएं।
बार-बार शौच जाएं तो चिकित्सक को दिखाएं।