बड़ौत/खेकड़ा। गांव से प्यार और पंचायत चुनाव में वोट डालने का जुनून दिव्यांग और बुजुर्ग को भी बूथ तक ले आया। चिलचिलाती धूप बूथ के बाहर लगी लंबी लाइन भी इनका जोश डिगा नहीं कर पाई। वोट डालने के बाद सभी ने कहा कि अपने अधिकार पाने का एक ही मंत्र है मतदान। हमने वोट दे दिया है जो देश की दशा और दिशा दोनों बदलेगा।
गिरने के कारण हाथ टूटने के बाद भी 75 वर्षीय बुजुर्ग सूबे का जोश देखने लायक थे। वे धीरे-धीरे ढ़िकाना गांव में बने मतदान केन्द्र पर पहुंचे। कहना था कि लोकतंत्र में अधिकार पाने की ललक यहां तक मुझे खींच ले आई। कहा कि गांव मेें मतदान करने का वक्त पांच साल में मिलता है, जिसे वह गंवाना नहीं चाहते थे। मजबूत लोकतंत्र से ही गांव की तस्वीर बदलेगी। ट्राई साईकिल से बूथ पर वोट डालने पहुंचे देशपाल का भी जोश कम नहीं था। बताया कि लोगों के मना करने के बाद भी चुनावी महापर्व में वह अपना एक वोट देने आया है। सभी में मतदान करने के लिए उत्साह दिखा। गौरीपुर हबीबपुर में भक्ति पत्नि भंवर सिंह के आड़े उसकी विकलांगता भी नहीं आई। सरुरपुर गांव में महिला व्हीलचेयर पर मतदान के लिए पहुंची। खेकड़ा के गांव गोटरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के मतदान बूथ पर 85 वर्षीय वृद्धा बोहती देवी को उसका पोत्र गोद में उठाकर मतदान करने के लिए पहुंचा। मतदान कर वृद्धा भी खुश नजर आई।