ग्राम प्रधान कार्यकाल खत्म होने के बाद शिक्षा विभाग ने उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। गांवों में संचालित परिषदीय स्कूलों के बच्चों के मिड-डे मील की जिम्मेदारी प्रधान व प्रधानाध्यापक मिलकर संभालते रहे हैं। कनवर्जन कास्ट दोनों के संयुक्त बैंक खातों में आती रही है। मगर, अब प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। ऐसे में बच्चों को मिड-डे मील मिलने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए जिम्मेदारी अभिभावक संघ को सौंपी जाएगी। विद्यालयों प्रबंध समितियां पहले से ही गठित हैं। इसमें बच्चों के अभिभावक भी शामिल हैं। इसके लिए शासन से आदेश जारी हो गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक के लिए नियत की जाने वाली तिथि तक स्कूली बच्चों को मिड-डे मील की वितरण व्यवस्था अभिभावक संघों (विद्यालय प्रबंध समितियाें) के माध्यम से कराई जाएगी। अभी तक संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान व विद्यालय के प्रधानाध्यापक संयुक्त हस्ताक्षर से मिड-डे मील के खातों का संचालन होता रहा है। प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद मिड-डे मील योजना के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। संबंधित ग्राम प्रधानों के पास उपलब्ध खाद्यान्न व कनवर्जन कास्ट की धनराशि तत्काल प्राप्त कर ली जाएं। इस संबंध में एबीएसए विनोद वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशों पर कार्य शुरू कर दिया गया है।