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कोरोना महामारी ने छीना परिवार का इकलौता कमाने वाला

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बागपत। कोरोना महामारी ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। किसी मासूम के सिर से पिता का तो किसी के सिर से मां का साया उठ गया है। ऐसे बच्चे भी हैं जिन्होंने माता-पिता दोनों को खो दिया है। अभिभावकों को खोने के बाद कई बच्चों के भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है। परिवार में इकलौता कमाने वाला शख्स चले जाने से भरण-पोषण में भी परेशानी आ रही है।
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अमीनगर सराय के मुख्य बाजार में रहने वाले दीपक भटनागर पुत्र जगदीश भटनागर प्राइवेट इंश्योरेंश कंपनी में नौकरी करते थे। दीपक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर चिकित्सकों ने घर पर ही इलाज कराने की सलाह दी। तीन दिन बाद उनकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें ले गई। उसने खेकड़ा कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसी दिन दीपक की मृत्यु हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।
दीपक परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके पुत्री दिव्यांशी (8) और बेटा आदित्य (4) हैं। दिव्यांशी कक्षा तीन में पढ़ती है। दीपक की मृत्यु के बाद अब दोनों बच्चों की जिम्मेदारी मां सीमा पर आ गई है। बच्चों के दादा बुजुर्ग होने के चलते काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य पर संकट दिखाई दे रहा है। जिसे लेकर सीमा और अन्य परिजन परेशान हैं। उन्हें सरकार से मदद की दरकार है। जिसके चलते बच्चों को संभालने में मदद मिल सके।
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