रटौल। पांची गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। बुखार से गांव के युवक की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही गांव में सफाई कराने की मांग की गई।
पांची गांव निवासी आमिर (26) पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहा था। उसका गांव में ही निजी चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे मंगलवार को खेकड़ा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे बुधवार को मेरठ रेफर कर दिया था। उसके पिता निसार ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसकी मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव का अदनान, कुलसुम, इसरत, नसीम, जिया, अंजुम, नरेश, फारूक, शुभम, गोलू, अफसाना, अब्दुल रजाक, रहीम सहित 15 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों ने गांव में शिविर लगाकर लोगों की जांच कराने की मांग की है।
- गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं बैठते चिकित्सक
गांव के मास्टर असलम, इस्तकार, गुलजार और फारुख ने बताया कि गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र है, मगर अस्पताल में चिकित्सक नहीं बैठते। गांव के लोगों को इलाज कराने के लिए मेरठ, दिल्ली और गाजियाबाद जाना पड़ता है। उन्होंने गांव के अस्पताल में चिकित्सक की व्यवस्था कराने की मांग की है।
- गांव में लगे गंदगी के अंबार, लोग परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कई साल से तालाब की सफाई न होने के कारण तालाब गंदगी से अटा पड़ा है। पानी की निकासी न होने के कारण गांव के रास्तों में जलभराव रहता है। गंदगी के कारण गांव में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं।
- युवक की बुखार से मौत होने की सूचना मिली है। शनिवार को गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - डॉ. सावित्री, जिला मलेरिया अधिकारी