बड़ौत। जिवानी गांव में ओवरहेड टैंक होते हुए भी 400 से अधिक लोग पेयजल के लिए तरस रहे है। छह हजार की आबादी वाले गांव में 27 साल पहले बनाया गया यह ओवरहेड टैंक वर्तमान में काफी जर्जर हो चुका है। इससे गांव के करीबन 90 घरों में पानी जाता है। मगर, जर्जर होने के कारण ओवरहेड टैंक को पूरा नहीं भरा जाता। पूरा भरते ही यह टपकने लगता है। इस कारण मात्र 20 से 25 घरों में ही पानी की सप्लाई होती है। जबकि 60 से अधिक घरों के लोग तीन माह से पेयजल के लिए तरस रहे है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
ग्रामीण मलखान कश्यप व रमेश कश्यप का कहना है कि तीन माह से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। मजबूरन खेतों में लगी ट्यूबवेल या अन्य मोहल्लों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
ग्रामीण आबिद लुहार व इमरान का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी के लिए परेशानी हो रही है। टंकी का पानी बंद है, ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रधान नीरज का कहना है कि टंकी काफी जर्जर हो चुकी है। इसमें लगे सरिया दिखने लगे है। कुछ माह पूर्व पेयजल टंकी की मरम्मत कराने के लिए जल निगम को 3.25 लाख का चेक ग्राम पंचायत खाते से दिया गया था। मगर, इस कार्य में खानापूर्ति हुई।
ग्राम सचिव रेशू का कहना है कि इस संबंध में जल निगम के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीण परेशान है।