पहले चरण में 30 मार्च को निकाली जाएगी लॉटरी, पांच अप्रैल को दिलाया जाएगा प्रवेश
दूसरे चरण में दो अप्रैल से 23 अप्रैल और तीसरे चरण के लिए दो मई से 10 जून तक होंगे आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। निशुल्क शिक्षा और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के अंतर्गत कमजोर वर्ग के छात्रों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए पहले चरण में दो मार्च से 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। 30 मार्च को लाटरी के माध्यम से छात्रों को विद्यालयों का आवंटन कर पांच अप्रैल को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में दो अप्रैल से 23 अप्रैल और तीसरे चरण के लिए दो मई से 10 जून तक आवेदन होंगे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकारी अधिनियम के अंतर्गत गैर सहायता मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में ऑनलाइन आवेदन एवं लॉटरी के माध्यम से प्रवेश का प्रावधान है। छात्रों के प्रवेश के लिए शासन स्तर से तिथि निर्धारित कर दी है। प्रथम चरण में दो मार्च से 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन और 26 मार्च से 28 मार्च तक आवेदन का सत्यापन के उपरांत 30 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। पांच अप्रैल को छात्रों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। दूसरे चरण में दो अप्रैल से 23 अप्रैल तक आवेदन, 25 अप्रैल से 26 अप्रैल तक सत्यापन और 28 अप्रैल को लाटरी निकालकर पांच जून को प्रवेश दिलाया जाएगा। तीसरे चरण के लिए दो मई से 10 जून तक ऑनलाइन आवेदन, 11 जून से 13 जून तक आवेदन का सत्यापन और 15 जून को लाटरी के उपरांत 30 जून को छात्रों का विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन कराने में असमर्थ अभिभावक खंड शिक्षाधिकारी के पास ऑफलाइन आवेदन कर सकते है। खंड शिक्षाधिकारी अपने स्तर से ऑफलाइन मिले आवेदन को ऑनलाइन करेंगे। उन्होंने समय सारणी के आधार पर आवेदन करने के निर्देश दिए है।
शिक्षकों की ब्यौरा अपडेट करने की अंतिम तिथि आज
बागपत। यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान ऑनलाइन कराया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 24 फरवरी तक शिक्षकों का पूरा ब्यौरा जैसे नाम, विषय, आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या, बैंक का आईएफएससी कोड वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि शिक्षकों का ब्यौरा अपडेट होने के बाद सत्यापन के लिए विद्यालय वार नोडल अधिकारी मनोनीत किए गए थे। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय में शिक्षकों व कर्मचारियों का ब्योरा अपडेट न करने पर प्रधानाचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।