- गुरु के अस्त होने और खरमास लगना मुख्य कारण
- 17 अप्रैल से आठ जुलाई तक कुल 40 दिन शुभ मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अगले 52 दिनों तक मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। ऐसा 22 फरवरी से गुरु के अस्त होने और फिर खरमास लगने के कारण होगा। खरमास उतरने के बाद 17 अप्रैल से शुभ कार्य फिर से शुरू होंगे। इस बीच आठ जुलाई तक कुल 40 दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे।
पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज ने बताया कि देव गुरु बृहस्पति 22 फरवरी से 20 मार्च तक अस्त रहेंगे। इस बीच 10 मार्च से 18 मार्च तक होलाष्टक रहेगा। इसके बाद खरमास लगने से 14 मार्च से 14 अप्रैल तक शुभ कार्य नहीं होंगे। खरमास उतरने के बाद 17 अप्रैल से शुभ कार्य फिर से हो सकेंगे। इस दिन से आठ जुलाई के बीच विवाह के शुभ योग हैं। अप्रैल, मई, जून और जुलाई में लग्न के 40 शुभ मुहूर्त हैं। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ ही चार माह के लिए मांगलिक कार्य फिर रुक जाएंगे। नवंबर में देवउठनी एकादशी के साथ फिर शुभ कार्य शुरू होंगे।
इन तिथियों को हैं विवाह के शुभ मुहूर्त
अप्रैल - 17, 19, 21, 22, 23, 28
मई - दो, तीन, नौ, 10, 11, 12, 13, 17,18, 20, 25, 26, 31
जून - छह, आठ, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 21, 22
जुलाई - तीन, पांच, छह, आठ