- बचाव के लिए भाजपा नेता सबसे पहले मौके पर पहुंच गए
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे किनारे टैंक को जमीन में दबाकर तेल की अवैध बिक्री का खेल चल रहा था। आपूर्ति विभाग से न तो भंडारण की अनुमति ली गई और न ही बिक्री के प्रमाण पत्र दिखाए गए। छापा लगते ही भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए और तेल बिक्री को वैध बताया। सवाल है कि तेल के इस खेल में कौन-कौन शामिल है।
मिनी पंप पर तेल की बिक्री का वीडियो वायरल होने से अधिकारी हरकत में आए। अधिकारियों के पहुंचने के कुछ मिनट बाद ही लखनऊ और दिल्ली तक रसूख रखने वाले भाजपा नेता भी मौके पर पहुंच गए और पंप संचालक का समर्थन करने लगे। भाजपा नेता ने कहा कि इंडस्ट्रियल ऑयल वैध तरीके से बेचा जा रहा है। किसी ने गलत शिकायत की है। अधिकारियों का कहना था कि जांच से ही स्पष्ट होगा कि तेल कौन सा है, लेकिन भंडारण की अनुमति भी नहीं ली गई है। सवाल है कि हाइवे किनारे जमीन में 20 हजार लीटर तेल का टैंक गाड़ दिया गया और पुलिस व आपूर्ति विभाग को भनक क्यों नहीं लगी। यह खेल करीब छह माह से खेला जा रहा था। जांच हुई मिलावट के खेल में कई बड़े नाम खुल सकते हैं।
भाजपा नेता ने अधिकारियों से कहा कि ठीक नहीं कर रहे
बागपत। कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता ने अधिकारियों से कहा कि वह ठीक नहीं कर रहे हैं। धमकी भरे लहजे में अधिकारियों से बात की गई। दबाव देते हुए कहा कि वैध तरीके से काम किया जा रहा है। कुछ देर बाद मीडियाकर्मी पहुंचने शुरू हुए तो भाजपा नेता मौके से चला गया और पंप संचालक ही रहा गया।
वीडियो में डीजल और मौके पर उलझा मामला
बागपत। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप का कहना है कि वायरल वीडियो से ऐसा लग रहा है कि डीजल हो सकता है। लेकिन मौके पर करीब 100 लीटर तेल मिला है। इसके इंडस्ट्रियल ऑयल या मिश्रित डीजल होने का अनुमान है। तेल की जांच के लिए सैंपल लिया गया है। आगरा या मोदीनगर में तेल की जांच कराई जाएगी।
ये था वायरल वीडियो में
बागपत। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को तेल दिया जा रहा है। आसपास कई ड्रम भी नजर आ रहे हैं। तेल लेने के बाद लोग चलते जाते हैं।