बड़ौत। डिपो में चालकों व परिचालकों की कमी के चलते परिवहन व्यवस्था पटरी नहीं आ रहीं हैं। चालकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मगर परिचालकों की कमी को पूरा करने के लिए अधिकारियों के पसीने छूट रहे है, जो निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
बड़ौत डिपो में पहले से ही 150 चालक व इतने ही परिचालकों की कमी चल रही हैं। इसके कारण परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा हैं। बिना चालकों व परिचालकों के डिपो में खड़ी तकरीबन 40 बसें धूल फांकने का काम कर रही हैं। इनके अलावा जनवरी में डिपो को ओर 20 बसें मिलने जा रही हैं।
बसों के अभाव में विभिन्न रूटों पर यात्रियों को डग्गामार वाहनों में दोगुना किराया देकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए परिवहन निगम ने चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी और जनवरी तक 100 चालकों की भर्ती करने का लक्ष्य बनाया हैं। लेकिन परिचालकों की भर्ती करना निगम क्षेत्र के अधिकार में नहीं हैं। इसके कारण अधिकारियों की टेंशन बढ़ती जा रही हैं। परिचालक आउट सोर्स से भर्ती किए जाते है, जिनके भरोसे विभाग बैठा हुआ हैं।
परिचालकों का टोटा परिवहन व्यवस्था सुधार में बन सकता है बाधा
चालकों व परिचालकों की कमी पूरी होने पर ही परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन निगम अधिकारियों के अनुसार परिचालकों की कमी अभी जल्दी से पूरी होती नजर नहीं आ रही है। इसके कारण परिवहन व्यवस्था सुधार में इनकी कमी कहीं न कहीं अटकलें पैदा कर सकती हैं।
वर्जन
चालकों की कमी तो जनवरी माह तक लगभग पूर्ण कर ली जाएगी। परिचालकों की भर्ती करने के लिए निगम को अधिकार नहीं है, जो आउट सोर्स से लिए जाते हैं। इसके बावजूद भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - हाकिम सिंह, एआरएम बड़ौत