बागपत। सरकार ने बेटियों की शादी कराने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू जरूर कराई। मगर जिले में विवाह योजना का बैंड कोई ओर नहीं, बल्कि खुद अफसर ही बजा रहे हैं। स्थिति यह है कि 661 बेटियों की शादी कराने के लिए तीन करोड़ से ज्यादा का बजट आया हुआ है, मगर अभी तक शादी के लिए कार्यक्रम भी तय नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए बागपत जिले को पिछले वित्तीय वर्ष में 850 जोड़ों की शादी कराने के लिए बजट जारी किया गया था। मगर अधिकारियों की लापरवाही से केवल 189 जोड़ों की शादी कराई जा सकी थी। इस तरह पिछले साल का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर चालू वित्तीय वर्ष के लिए बचा हुआ लक्ष्य ही रखा गया। मगर इस बार भी शादी का कार्यक्रम अभी तक तय नहीं किया गया है। जबकि नवंबर माह शुरू होने वाला है और इस बार भी पिछले साल की तरह स्थिति होती दिख रही है।
- 3.11 करोड़ से होगी 661 जोड़ों की शादी
समाज कल्याण विभाग को शासन से वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए 661 जोड़ों की शादी कराने के लिए 3.11 करोड़ रुपये का बजट खाते में है। इस बजट से बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे। यह बजट एक साल से विभाग के खाते में है, लेकिन सामूहिक विवाह न होने के कारण बजट खाते से बाहर नहीं आ पा रहा है।
- वर्जन
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए बैठक कर जल्द ही तारीख निर्धारित कर दी जाएगी। कार्यक्रम की तैयारी चल रही है। सभी निकायों और ब्लॉकों से आवेदन मांगे गए है, ताकि लक्ष्य को पूरा किया जा सके। - तूलिका शर्मा, प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी