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रोड से बसें गायब, यात्री परेशान

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बड़ौत। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दूसरे जिलों में भेजी गई रोडवेज बसों के चलते जनपद में भारी कमी हो गई है। यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं निगम द्वारा लंबे रूट पर अधिकतर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। जिससे यात्रियों को गतंव्य तक पहुंचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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विधानसभा चुनाव के चलते बड़ौत से परिवहन निगम की 53 निगम की बसों में से 43 बसों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। जनपद में चुनाव संपन्न होने के बाद इन बसों को दूसरे जिलों में भेज दिया गया है। जिस कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। ऐसी स्थिति का डग्गामारी वाहन संचालक खूब लाभ उठा रहे हैं। यहां तक कि डिपो के सामने निजी बसों के चालक सवारी उठा रहे हैैं। यात्रियों से मुंहमांगी कीमत लेकर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं।
मांगलिक आयोजनों के चलते बढ़ी भीड़
मांगलिक आयोजनों के चलते प्रतिदिन हजारों लोग ट्रेनों से उतरकर सीधे रोडवेज बस स्टेशन पहुंच रहे हैं। बस स्टेशन परिसर में घंटों खड़े रहने के बाद भी जब बस नहीं मिलती तो डग्गामार वाहन मुंह मांगी कीमत वसूलते हैं।
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इन रूटों पर सबसे ज्यादा दिक्कतें
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से लेकर बड़ौत-मुुजफ्फरनगर मार्ग, बड़ौत-बिनौली-मेरठ मार्ग, बड़ौत-अमीनसराय-मेरठ मार्ग, बड़ौत-छपरौली मार्ग, बड़ौत-कोताना मार्ग सहित गांव-देहात के मार्गों पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। आखिर में उन्हें डग्गामार वाहनों में ही सफर करना पड़ता है।
वहीं, बड़ौत डिपो के स्टेशन प्रभारी नरेंद्र मान का कहना है कि निगम की 53 बसों में से 43 बसें चुनाव ड्यूटी में हैं। शादी समारोह के चलते भी यात्रियों की संख्या बढ़ी है, ऐसे में बसों की किल्लत से यात्री परेशान हैं। इसलिए अनुबंधित बसों के चक्कर बढ़ा दिए गए हैं।
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