विद्यालयों के लिए संचालित योजनाओं और बच्चों के नामांकन ब्यौरा भी दर्ज करना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बेसिक स्कूलों में तैनात शिक्षकों को अब निरीक्षण के समय अधिकारियों को सूचनाओं को दिखाने के लिए रजिस्टर के पन्ने नहीं पलटने पड़ेंगे। अब स्कूलों में तैनात शिक्षकों को अपनी एक डायरी बनानी होगी, जिसमें बच्चों के नामांकन के अलावा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी अपडेट रखनी होगी। इस संबंध में शासन की ओर से निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
एबीएसए विनोद वर्मा ने बताया कि शिक्षक व शिक्षिकाएं डायरी का प्रयोग शिक्षण योजना बनाने के लिए करेंगे। साप्ताहिक तौर पर चयनित लर्निंग आउटकम के सापेक्ष गतिविधियों तथा इसमें प्रयोग की जाने वाली सहायक शिक्षण सामग्रियों बारे में लिखेंगे। विद्यालय भ्रमण के दौरान आने वाले अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों को भी लिख सकते हैं। इसके साथ ही विद्यालय की योजनाओं के अलावा नामांकन आदि की जानकारी लिख सकेंगे। एबीएसए ने बताया कि शिक्षकों को यह डायरी विधिवत तरीके से अपडेट रखनी होगी। कोरोना संक्रमण के बाद जब विद्यालय खुलेंगे तब शिक्षक डायरी का अवलोकन निरीक्षण के दौरान किया जाएगा।
अभी तक आती थी दिक्कतें
बड़ौत। अभी तक विद्यालयों में संचालित योजनाओं सहित बच्चों के नामांकन आदि की जानकारी के लिए रजिस्टर का सहारा लेना पड़ता था। यदि कोई अधिकारी निरीक्षण करने के लिए आ जाए तो रजिस्टर के पन्ने पलटने पड़ते थे। यदि हेड मास्टर अलमारी में रिकार्ड रखकर चले गए तो सहायक अध्यापक निरीक्षण के समय उन्हें कुछ नहीं दिखा पाते थे। अब शिक्षक डायरी के जरिये अधिकतर जानकारी उसमें अंकित होगी।