बड़ौत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण को लेकर दिए गए मुआवजे से किसान संतुष्ट नहीं हैं। शनिवार को कंडेरा गांव के किसान तहसील पहुंचे। उन्होंने कॉरिडोर निर्माण को लेकर बरती जा रही अनियमितताओं पर रोष जताते हुए प्रदर्शन किया।
किसानों ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण शुरू हो चुका है। किसानों की जमीनें भी कॉरिडोर निर्माण के लिए ली गई हैं। मुआवजा तो किसानों को मिल रहा है, लेकिन उनकी जमीनें इस कॉरिडोर के कारण अलग-अलग बंट गई है। कानून में भी यही प्रावधान है कि खतौनी अलग-अलग होने से खसरा भी बंट जाता है। किसानों ने बताया कि उनकी सभी की खतौनी इकट्ठा करके एक खतौनी बना दी जाए या फिर जमीन की पैमाइश कराकर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। मौके पर सुधीर, हरवीर, सुभाष, सुरेंद्र, नीरज, महक सिंह शामिल रहे।