तीरथपाल सिंह और रोहित यादव की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा में आग बुझाते समय दीवार गिरने से जान गंवाने वाले अग्निशमन विभाग के सिपाही रोहित यादव और हेड कांस्टेबल की मौत होने से बागपत में गम का माहौल है। रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि दोनों छुट्टी पर जल्दी ही घर आने की बात कहकर गए थे। वे तो नहीं आए, मगर बुरी खबर जरूर आ गई।
विलाप करते रोहित के परिजन।
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बागपत निवासी रोहित यादव और तीरथपाल सिंह रविवार को अपने घरों पर एक-एक दिन की छुट्टी काटकर जल्दी वापस आने की बात कहकर ड्यूटी पर गए थे। परिजनों को आभास नहीं था कि उनके साथ दोनों की आखिरी छुट्टी होगी। दोनों का राजकीय सम्मान के साथ गांवों में अंतिम संस्कार किया गया।
तीरथपाल के घर पर एकत्र लोग।
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नोएडा के ईकोटेक-3 स्थित आईएलजीआईएम कंपनी में सोमवार रात आग लगने पर काबू पाने का प्रयास कर रहे अग्निशमन कर्मियों की गाड़ी के ऊपर दीवार गिर गई। इसमें सिपाही रोहित यादव निवासी सहबानपुर, हेड कांस्टेबल तीरथपाल सिंह निवासी हिलवाड़ी समेत अन्य कर्मी दबने से घायल हो गए। इसमें रोहित यादव और तीरथपाल की मौत हो गई।
सहबानपुर गांव के मुकेश यादव ने बताया कि उनका भतीजा रोहित यादव वर्ष 2015 में अग्निशमन विभाग में भर्ती हुआ था, तभी से उनकी नोएडा में तैनाती चल रही है। रोहित रविवार को छुट्टी होने पर घर आए थे और सोमवार सुबह ड्यूटी पर चले गए थे। रोहित कहकर गए थे कि जल्द ही घर वापस आऊंगा। मंगलवार को उनका शव गांव लाया गया, जिसे देख लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके बड़े भाई अमित ने चिता को मुखाग्नि दी।
हिलवाड़ी गांव के संदीप तोमर ने बताया कि उनके तहेरे भाई तीरथपाल सिंह वर्ष 1998 में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। पदोन्नति के बाद हेड कांस्टेबल हो गए और उनकी नोएडा में ड्यूटी चल रही थी। रविवार को तीरथपाल सिंह एक दिन की छुट्टी पर घर आए थे और सोमवार को चले गए थे। उन्होंने कहा था कि कांवड़ की वजह से समस्या नहीं हुई तो वह उससे पहले ही आएंगे। मंगलवार सुबह उनकी मौत होने की जानकारी मिली। शाम को हिलवाड़ी गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बेटे पारस तोमर ने मुखाग्नि दी।
रोहित ने माता-पिता से आखिरी बार एक घंटे फोन पर की थी बात
मुकेश यादव ने बताया कि रोहित की शादी छह साल पहले सैड़भर गांव की निशा के साथ हुई थी। उनके परिवार में बेटी चित्रांशी (4) और छोटी बेटी अंशी (1) हैं। रोहित अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ नोएडा में रहते थे। उनका बड़ा भाई अमित और भाभी मोनिका सीआईएसएफ में सिपाही हैं, जिनकी ड्यूटी दिल्ली में चल रही है। रोहित के परिवार में दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। सोमवार रात करीब नौ बजे रोहित ने अपनी मां सुमन और पिता चमन यादव से करीब एक घंटा फोन पर बातचीत की थी। बातचीत में रोहित ने परिवार का हाल जाना और छुट्टी मिलने पर जल्द ही परिवार समेत घर आने के बारे में कहा था।
तीरथपाल सिंह का बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बेटी नर्स
तीरथपाल सिंह की मौत के बारे में नोएडा से अफसरों ने उनके तहेरे भाई प्रदीप को फोन करके बताया। उनके परिवार में मां भंवरकली, पत्नी मधुबाला, बेटी प्रिया और बेटे पारस तोमर हैं। उनकी बेटी प्रिया नोएडा के अस्पताल में नर्स, जबकि बेटे पारस तोमर सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनके बड़े भाई घनश्याम सिंह अलीगढ़ में यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक, जबकि छोटे भाई सुनील नोएडा में प्रवक्ता और ताऊ बलवीर गांव में प्रधान रहे हैं।
लोगों को बचाने के लिए जान दांव पर लगा देते थे तीरथपाल
हिलवाड़ी गांव के संदीप तोमर ने बताया कि उनके तहेरे भाई तीरथपाल ने 28 साल तक अग्निशमन विभाग में सेवा दी। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर हुई आगजनी की घटनाओं में लोगों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगाई। वह हर जगह से लोगों को बचाकर बाहर निकालकर लाए। इसके बारे में कई बार उन्होंने खुद भी बताया। लेकिन इस बार दीवार गिरने से तीरथपाल अपने साथियों के साथ खुद भी फंस गए।
हंसते हुए छोड़ गए थे, वापस रुलाकर आए
हिलवाड़ी गांव निवासी राजवीर, सुरेश, सतेंद्र, महेंद्र ने बताया कि तीरथपाल व्यवहार से काफी मिलनसार थे। जब भी छुट्टी लेकर आते तो परिवार वालों के अलावा गांव के लोगों के साथ हंसी-मजाक करते रहते थे। रविवार को भी गांव में कई लोगों के पास बैठे। इसके बाद ड्यूटी पर जाते समय परिवार को हंसते हुए छोड़कर गए थे, लेकिन वापस रुलाकर आए।
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