सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं
बिनौली (बागपत)। जिवाना गुलियान के सिद्धगुरु स्थान नीलकंठ आश्रम में चल रहे सात दिवसीय ऋग्वेद पारायण महायज्ञ का गुरुवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर उपदेश देते हुए सिद्धगुरु महाराज ने कहा कि सेवा से बढ़कर जीवन में कोई पुण्य नही है। परहित करना मानव का सद्गुण है। इसलिए हम सबको परसेवा करते हुए अपने मानव जीवन रूपी यज्ञ को सफल बनाना चाहिए। परमात्मा का सुबह शाम स्मरण करते हुए स्तुति करनी चाहिए। नर से नारायण बनने के लिए परमात्मा की नित्य स्तुति करनी चाहिए। आचार्य विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षा से भौतिक उन्नति होती ह, जबकि विद्या से आत्मिक उन्नति होती है। आचार्य चंद्रमणि याग्निक ने कहा कि हम सब अच्छे विचार और आचरण से राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चौ. अमन सिंह ने वेद को परमात्मा की वाणी कहा। उन्होंने कहा अपनी संस्कृति को देवयज्ञ के द्वारा ही बचाया जा सकता है। आचार्य अमित शास्त्री व अंकुर भारद्वाज ने वेदपाठ के साथ भजन प्रस्तुत किये। पूर्णाहुति पर देश के कई प्रांतों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की। इस अवसर पर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत, पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व सीओ धर्मवीर सिंह मलिक, विहिप संपर्क प्रमुख गजेंद्र सिंह, विजय कुमार भाईजी, मलकपुर शुगर मिल के जीएम विपिन चौधरी, डॉ. कृपाल सिंह, अश्वनी कुमार, राजीव धामा, राहुल शास्त्री, ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।