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जनपद में भारी वाहनों की रही नो एंट्री

Mon, 26 Feb 2018 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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मेरठ में हुए समागम के लिए रूट डायवर्जन की वजह से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम में फंसे वाहन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ में आयोजित आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम एवं बागपत में गुफा मंदिर पर होली से पहले प्रथम रविवार को लगने वाले मेले को मद्देनजर जनपद में भारी वाहनों की एंट्री नहीं होने दी। पुलिस ने कई मार्गों के रूट डायवर्ट भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला। कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गाजियाबाद से मेरठ, मुजफ्फरनगर एवं शामली को जाने वाले भारी वाहनों को बागपत में दिल्ली रोड मेरठ बाईपास से टटीरी, डौला, सराय मोड़ से कस्बा सराय, मंडी समिति बड़ौत से बिनौली- मेरठ मार्ग से भूनी चौराहा थाना सरूरपुर क्षेत्र से शामली मार्ग की तरफ भेजा।

शामली की तरफ से गाजियाबाद जाने वाले सवारी वाहन और छोटे वाहन को ककड़ीपुर चौराहे सीमा से रमाला होते हुए बावली, बड़ौत में औद्योगिक क्षेत्र तिराहे से अमीनगर सराय होते हुए पिलाना भट्ठा तिराहे से ढिकौली और रटौल होते हुए लोनी की तरफ भेजा जाएगा।
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शामली से दिल्ली को जाने वाली बसों को सराय मोड़ से डौला गांव होते हुए बागपत से दिल्ली रोड पर भेजा । सोनीपत से आने वाले किसी भी भारी वाहन जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। चौकी निवाड़ा एवं गौरीपुर मोड पर आवश्यक पुलिस प्रबंध किए । पुलिस चौकी हिंडन पुल से कोई भी भारी वाहन मेरठ की तरफ नहीं आने दिया।

रूट डायवर्ट करने में पुलिस के छूटे पसीने
बागपत। रूट डायवर्ट करने में पुलिस के पसीने छूटते दिखाई दिए। ट्रैफिक पुलिस ने मशक्कत कर बागपत में किसी भी भारी वाहन की एंट्री नहीं होने दी। बड़ौत में औद्योगिक क्षेत्र, गुफा वाला मंदिर, गौरीपुर व बागपत में रूट डायवर्ट कर दूसरे मार्गों से वाहनों को भेजा गया। इस दौरान वहां दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। जाम में फंसे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों को पैदल ही जाना पड़ा।

श्रद्धालुओं को उठानी पड़ी परेशानी
बागपत। गुफा वाला मंदिर पर पूजा अर्चना करने आ रहे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़ौत की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई वाहन नहीं मिला। श्रद्धालु सड़कों पर खड़े वाहनों की इंतजार करते रहे। बाद में श्रद्धालु डग्गामार वाहनों व ई-रिक्शा से मंदिर पहुंचे। ट्यौढ़ी, सरूरपुर, गौरीपुर आदि गांवों से श्रद्धालु पैदल ही मंदिर तक पहुंचे।
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