बागपत में प्रधानी चुनाव की सरगर्मी के साथ ही गांवों में चौपालों का दौर भी शुरु हो गया है। चौपालों पर लोग गांव की समस्याओं और प्रधान द्वारा गांव में कराए गए कार्यों पर चर्चा कर रहे है। गांवों में बैठकें कर प्रधान के दावेदारों को तय करने को लेकर बहस छिड़ गई है।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम मतानतनगर गांव पहुंची और लोगों से गांव के विकास के बारे में बातचीत की। सूबेदार जयकुमार के घेर के पास कुछ लोग बैठे हुए मिल, जो चुनाव पर चर्चा कर रहे थे। राजपाल सिंह बोले कि प्रधान को गांव में काम कराने की फुर्सत ही नहीं मिली।
गांव के कुछ काम कराया हो तो बताओ। गांव में जलभराव की विकट समस्या है। कंवरपाल सिंह बोले, जलभराव तो होगा ही जब कई सालों से तालाबों की सफाई और खुदाई नहीं हुई। चौधरी जयपाल ने कहा कि प्रधान से उम्मीद तो बहुत लगाई थी, पर हुआ कुछ नहीं।
इस बार सोच समझकर प्रधान चुनना है। सतबीर बोले कि तालाबों का पानी रास्तों और घरों में भरा रहता है, अब तो हैंडपंपों में भी गंदा पानी आने लगा है। दयाचंद ने कहा कि गांव का विकास कराना है तो इस बार सोच समझकर ही प्रधान चुनेंगे।
सभी मिल बैठकर सलाह कर लो कि इस बार किसे प्रधान बनाना है, ताकि गांव में कुछ विकास भी हो सके। उधर, प्रधान के पति किरण सिंह का कहना है कि उन्होंने गांव के विकास में कोई कसर नही छोड़ी है। कई बार तालाबों का पानी भी निकलवाया गया है। सफाई भी कराई है। गांव की सड़कें भी बनवाई हैं।
क्या है गांव की समस्याएं
बालैनी। गांव में तीन तालाब हैं। तीनों गंदगी से अटे पड़े हैं। पानी की निकासी न होने के कारण रास्तों और घरों में जलभराव होता है। गांव में ना तो पात्र लोगों की पेंशन बनवाई गई है और ना ही शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
कौन कौन रहे गांव का प्रधान
बालैनी। फिलहाल गांव की प्रधान जसबीरी देवी है। इनसे पहले प्रेमवती, नरेंद्र सिंह, निदान सिंह व ईश्वर सिंह गांव के प्रधान रह चुके हैं।