बागपत के ग्राम सरफाबाद स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में मंगलवार सुबह तेंदुआ नजर आने से हड़कंप मच गया। छात्र-छात्राएं हास्टल के कमरों में कैद हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी विद्यालय पहुंचे और तेंदुए की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया। हालांकि टीम को तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। इससे विद्यालय में दहशत बनी हुई है।
थाना चांदीनगर क्षेत्र के ग्राम सरफाबाद गांव में हिंडन नदी के किनारे जवाहर नवोदय विद्यालय स्थित है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे विद्यालय के शिक्षक पीएस राणा एवं शिक्षिका रश्मि सिंह बच्चों की सभा के लिए विद्यालय में बने आवास से जैसे ही बाहर निकले।
विद्यालय की चहारदीवारी के पास तेंदुआ नजर आया। तेंदुए को देखते ही दोनों ने शोर मचा दिया, जिससे छात्र व अन्य शिक्षक एकत्र हो गए। इस बीच तेंदुआ दीवार के समीप झाड़िय़ों में छिप गया। प्रधानाचार्य पीडी शर्मा ने सबसे पहले छात्र-छात्राओं को हास्टल में भेजकर दरवाजे बंद रखने के निर्देश दिए और वन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसडीएम नरेंद्र सिंह, तहसीलदार वेदसिंह चौहान, जिला वन अधिकारी मनीष मित्तल, थानाध्यक्ष चांदीनगर सुभाष यादव, वन रक्षक नरेंद्र सिंह एवं खेकड़ा व चांदीनगर थानों की पुलिस समेत पूरा प्रशासनिक अमला विद्यालय परिसर में पहुंच गया। टीम ने पूरे परिसर का कोना-कोना छान मारा। इसके बाद दूर हिंडन नदी के जंगल तक तेंदुए को तलाश में कांबिंग की गई। हालांकि टीम को कामयाबी नहीं मिली। यहां तक कि वहां तेंदुए के पैरों के निशान भी नजर नहीं आए।
गांवों में मुनादी कराई
एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि आसपास के सभी गांवों में मुनादी के अलावा मंदिर मस्जिदों से एलान कराया गया है कि खेतों में किसान समूह बनाकर ही जाए। वन विभाग की टीम को तेंदुए को तलाश कर पकड़ने व दूर जंगलों में छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वन दरोगा केपी सिंह व नरेंद्र सिंह को जाल मंगवाकर लगाने के आदेश दे दिए गए हैं।
पिंजरा लगा दिया, टीम तैनात की गई
जिला वन अधिकारी मनीष मित्तल ने बताया कि विद्यालय के आसपास और खेतों एवं जंगलों में काफी तलाश किया, लेकिन तेंदुआ का कोई पता नहीं चला। हो सकता है कि विद्यालय के पास नाले के सहारे दूर निकल गया हो। मामले को गंभीरता से लिया गया है। टीम को लगा दिया गया है और पिंजरा भी पहुंचा दिया गया है। आसपास तेंदुआ मिला तो उसे पकड़ लिया जाएगा।