बागपत। नाव हादसे में यमुना में डूबी किशोरी मोनी का सुराग नहीं लग सका है। सर्च अभियान में जुटी एसडीआरएफ की टीम बिजनौर वापस चली गई। अब स्थानीय गोताखोर ही किशोरी की तलाश करेंगे। इसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।
नाव हादसे में देशराज मोहल्ले की किशोरी मोनी यमुना में डूब गई थी। 12 मार्च से अब तक किशोरी का सुराग नहीं लग सका है। एनडीआरएफ के बाद एसडीआरएफ की टीम भी बुधवार को लौट गई। एसडीएम सदर रामनयन ने बताया कि बिजनौर में हुए एक हादसे में राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम की रवानगी की गई है। किशोरी तलाश के लिए स्थानीय गोताखोर अभी जुटे हुए हैं। प्रशासन की टीम पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुए हैं। किशोरी मोनी की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
क्या था मामला
बागपत। 12 मार्च को यमुना नदी में नाव पलट गई थी। इसमें किशोरी नसरीन और महिला राजेश देवी की मौत हो चुकी है। नौ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किशोरी मोनी का अब तक सुराग नहीं लग सका है।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन आज
बागपत। पूर्व सैनिक सुभाष कश्यप ने कहा कि मोनी की बरामदगी नहीं होने पर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन होगा। प्रशासन की लापरवाही के चलते किशोरी का सुराग नहीं लग सका है।
सीबीआई से कराए नाव हादसे की जांच
बागपत। रालोद कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। प्रशासन से यमुना में अवैध खनन बंद कराने, यमुना में हुए नाव हादसे में मारे गए लोगों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने की मांग रखी। साथ ही नाव हादसे की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। बैठक में जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, धीरज उज्ज्वल, बृज कुमार, लेखराज, डॉ हरिओम शर्मा, परमानंद, अनिरुद्ध, प्रेमपाल, कृष्ण शर्मा, महेंद्र शर्मा, रामेश्वर, दीपक दीक्षित मौजूद रहे। संचालन नीरज पंडित ने किया।