अचूक निशाने साधने में माहिर अमीनगर सराय का बेटा निशांत भारद्वाज सिस्टम के सामने बेबस है। देश के टॉप थ्री निशानेबाजों में एक निशांत का चयन अजरबेजान में होने जा रहे जूनियर विश्व कप के लिए हो गया है, लेकिन उसके पिस्टल के लाइसेंस की फाइल दफ्तरों में धूल फांक रही है। बेबस खिलाड़ी उधार की पिस्टल के जुगाड़ में घूमने के लिए मजबूर है।
ओलंपिक में खिलाड़ियों से पदक की आस रखने वाली सरकार सुविधाओं और हक के नाम पर खिलाड़ियों को ठेंगा दिखाती है। इसका ताजा उदाहरण अमीनगर सराय का लाजवाब शूटर निशांत भारद्वाज है। अजरबेजान में 16 से 23 सितंबर जूनियर विश्व कप होगा। एयर पिस्टल की 50 मीटर प्रतिस्पर्धा के लिए भारत की टीम में निशांत का चयन हो चुका है।
इस विश्व कप में शामिल होने वाले यूपी के दो खिलाड़ियों में से वह भी एक है। निशांत बताता है कि स्पोर्ट्स पिस्टल के लिए उसने अपनी फाइल पुलिस ऑफिस में जमा की थी। डीएम ऑफिस में वह अपने चयन और विश्व कप की जानकारी दे चुका है, लेकिन उसे कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर घुमाया जा रहा है।
लाइसेंस नहीं बन पाने के कारण उसे उधार की पिस्टल का जुगाड़ कर विश्व कप जाना पड़ेगा। निशांत कहता है कि वह सरकार से किसी तरह की सुविधा की उम्मीद नहीं कर रहा, लेकिन उसे हक तो मिलना ही चाहिए। वह बेहद परेशान है।
दिल्ली में लगेगा कैंप
जूनियर विश्व कप से पहले छह से 16 सितंबर तक जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम दिल्ली में निशानेबाजों का कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में भी निशांत को उधार के पिस्टल से ही अभ्यास करना होगा।
नियमानुसार खिलाड़ी का लाइसेंस बनना चाहिए। अभी मामला जानकारी में नहीं है। फाइल मंगाकर देखा जाएगा कि क्या आपत्ति है। नियमानुसार लाइसेंस की प्रक्रिया कराई जाएगी।
- हृदय शंकर तिवारी, डीएम।