फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ तक गूंजा बंपर सिटी स्कैन का मामला, एनएचएम की टीम ने की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। जिला अस्पताल मे सिटी स्कैन की शुरूआत होते ही भीड़ बढ़ी। डॉक्टरों ने भी बंपर तरीके से सिटी स्कैन लिखे। एक-एक माह में तीन से चार हजार सिटी स्कैन किए गए। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद एनएचएम की टीम जांच करने के लिए पहुंची। टीम ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि छोटे-छोटे मामलों में लिखे जा रहे सिटी स्कैन पर रोक लगे। संख्या कम करने के लिए अब चार नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में छह माह पहले सिटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई थी। प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक लाटियान ने बताया कि सिटी स्कैन कराने वालों की संख्या हर माह तीन से चार हजार के बीच पहुंच गई। सीएम कार्यालय में किसी व्यक्ति ने शिकायत की तो बृहस्पतिवार को एनएचएम की टीम जिला अस्पताल स्थित सिटी स्कैन यूनिट पहुंची। टीम में एनएचएम के सहायक प्रबंधक रणजीत सिंह और सौरभ कुमार शामिल रहे। उन्होंने प्रत्येक महीने की रिपोर्ट देखी। चिकित्सकों की पर्चियों की जांच की। जिसमें किसी चिकित्सक ने 500 मरीजों की जांच लिखी हुई थी, किसी ने 584। ऐसे भी चिकित्सक की पर्चियां मिली जो सिटी स्कैन के लिए जरूरी नहीं थे। टीम ने सख्त नाराजगी जाहिर की। सुधार लाने के लिए अब जिला अस्पताल के चार डॉक्टरों को इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल टीम की अनुमति से ही अब सिटी स्कैन हो सकेगा।
दिल्ली तक के पहुंचे मरीज
बागपत। जिला अस्पताल में बागपत के लोगों का तो सिटी स्कैन हो रही रहा था इसके अलावा सहारनपुर, पानीपत, मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, शामली जिले के मरीज भी जांच करवाने के लिए भेज रहे थे।
विज्ञापन

कैंसर को न्योता है सिटी स्कैन
बागपत। प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार लाटियान ने बताया कि सिटी स्कैन से कैंसर का खतरा रहता है। इससे खतरनाक रेडिएशन निकलती है जो कैंसर का कारण बनता है। सिटी स्कैन मशीन से निकालने वाली रेडिएशन किरणें मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
मरीजों को दी गई रिपोर्ट की भी जांच की
बागपत। प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार लाटियान ने बताया कि जिला अस्पताल में सिटी स्कैन यूनिट पर फर्जी रिपोर्ट देने की शिकायत भी मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। लखनऊ से पहुंची टीम ने रिपोर्ट की जांच की तो यह तो सही मिली, लेकिन दूसरी शिकायत सही पाई गई थी।
एक-एक व्यक्ति ने तीन बार कराया सिटी स्कैन
बागपत। एक-एक व्यक्ति अपना तीन-तीन जांच इस मशीन से करवा रहा था। इसकी पुष्टि जांच के दौरान पर्चियों से हुई है। जिसको देखकर लखनऊ से पहुंची टीम भी दंग रह गई थी। मामले की रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें