आरोपी विजय की दादी प्रकाशी
- फोटो : अमर उजाला
प्रकाशी का कहना है कि उसी दिन उन्होंने कोतवाली में लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बाद में जब उन्होंने मीडिया के जरिए खबर देखी कि दो बदमाश ढेर हो गए हैं और विजय फरार है, तो वह घबरा गईं। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस कभी भी विजय को मुठभेड़ में दिखाकर गोली मार सकती है। परिवार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
यह भी पढ़ें: World Athletics Championship: बल्ला छोड़ भाला थामा..., किसान का बेटा सचिन यादव बना भारत का नया बाहुबली
इधर, आरोपी नकुल अभी भी फरार है। गांव वालों का कहना है कि पढ़ाई के दौरान वह शांत स्वभाव का था, लेकिन बाद में उसका व्यवहार बदल गया और लड़ाई-झगड़ों में शामिल होने लगा। हालांकि परिवार सामान्य जीवन जी रहा है।
बागपत पुलिस प्रशासन का कहना है कि न तो बड़ौत कोतवाली में और न ही जिले के किसी थाने में विजय और नकुल के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। सीओ बड़ौत विजय कुमार ने भी इसकी पुष्टि की।