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गढ़ी कलंजरी में नहीं मिल रही नवीन परती की भूमि

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हिंडन नदी पर बने पुल के मार्ग के निर्माण का मामला
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अब 40 साल के राजस्व रिकार्ड खंगालने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गढ़ी कलंजरी गांव में पुल के मार्ग के निर्माण में दबाई गई नवीन परती की भूमि को किसानों के खेतों में तलाशने के लिए बृहस्पतिवार को भी तहसील के अधिकारी और लेखपाल दिन भर जुटे रहे। कई खेतों की जांच की, लेकिन नवीन परती की भूमि ढूंढे नही मिली। एसडीएम का कहना है कि अब नवीन परती की भूमि को तलाशने के लिए दो से तीन दिन का समय और लग सकाता है। 40 साल के राजस्व रिकार्ड की भी मदद ली जा सकती है।
गढ़ी कलंजरी गांव में हिंडन नदी पर बने पुल के लिए मार्ग का निर्माण कराया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर धामा का आरोप है कि तहसील के अधिकारियों ने इस मार्ग का निर्माण नवीन परती की खसरा संख्या 342, 348 की भूमि पर कराया है। उसे किसानों की भूमि दिखाकर करोड़ों रुपये के मुआवजे की बंदरबांट कर ली है। डीएम के मामले में कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद से तहसील के अधिकारी दो दिन से गढ़ी कलंजरी गांव के जंगल में डेरा डाले हुए है। किसानों की भूमि में नवीन परती की भूमि को तलाश रहे है। बृहस्पतिवार को भी वह पूरे दिन गढ़ी कलंजरी गांव के खेतों में धूल फांकते रहे। उन्होंने पचास से अधिक किसानों की भूमि की नाप की। मगर, गड़बड़झाले वाली नवीन परती की जमीन नहीं मिली।
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एसडीएम अजय कुमार का कहना है कि गढ़ी कलंजरी गांव में दो दिन से नवीन परती की भूमि की तलाश की जा रही है। मगर, अभी तक वह जमीन नहीं मिली है। उसको तलाशने में दो से तीन दिन का समय और लग सकता है। जरूरत पडे़गी तो गांव के चालीस साल के राजस्व रिकार्ड की भी मदद ली जाएगी।
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