बड़ौत में रोड़वेज बस स्टैंड़ पर फर्स्ट एड़ बॉक्स के बिना खड़ी बस।
- फोटो : BARAUT
बड़ौत। बसों में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर परिवहन निगम गंभीर नहीं है। इसकी बानगी बसों में दवा बगैर खाली पड़े फर्स्ट एड बॉक्स में देखी जा सकती है। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तो लिखा है लेकिन इनके अंदर न तो मरहम पट्टी है और न ही अन्य दवा। इससे शासनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निगम अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार बड़ौत डिपो में निगम की 55 बस व 48 बस अनुबंधित हैं। ज्यादातर में बसों में फर्स्ट एड बाक्स नहीं है। यदि है तो उनमें दवा तक नहीं है। ऐसे मेें यदि किसी यात्री को चोट लग जाए तो प्राथमिक उपचार करने में दिक्कतें आएंगी।
ये बोले बस यात्री
बस यात्रियों में विपिन पूनिया, बबलू, संदीप, प्रवीण का कहना है कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हादसा होने पर यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने के लिए बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं हैं। नियमानुसार प्रत्येक गाड़ी में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवा, मरहम तथा पट्टी है। कुछ बसों में बॉक्स है परंतु खाली हैं। वहीं, इस संबंध में बड़ौत डिपो के स्टेशन प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि कुछ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स न होने की शिकायत आई थी। उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
बड़ौत में रोड़वेज बस स्टैंड़ पर फर्स्ट एड़ बॉक्स के बिना खड़ी बस।- फोटो : BARAUT