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न मास्क और न सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंस भी भूले यात्री

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बड़ौत में दिल्ली बस स्टैन्ड पर बस में लगी भीड़। - फोटो : BARAUT
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बस अड्डा परिसर और बसों की सीटों से गायब हो रहे हैं गोल निशान
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यात्रियों के चेहरे से मास्क भी गायब, सैनिटाइजर से भी बनायी दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। लेकिन रोडवेज बसों में लोग कोरोना को भूले नजर आ रहे हैं। इसको लेकर रोडवेज विभाग भी गंभीर नहीं दिख रहा है। रोडवेज बस अड्डा परिसर हो या फिर बसों के अंदर। कहीं पर भी यात्री सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे हैं। विभाग की तरफ से भी कोई संदेश नहीं दिया जा रहा है। न तो यात्रियों को मास्क पहनने के लिए बाध्य किया जा रहा है और न ही सभी की जांच थर्मल स्केनर से की जा रही है। जिसके कारण कोरोना संक्रमण की स्थिति विस्फोटक हो सकती है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने रोडवेज बस अड्डा ही नहीं बल्कि बसों में भी सोशल डिस्टेंस का जायजा लिया। तो पाया कि बस चालक, परिचालक सहित 70 प्रतिशत यात्री बगैर मास्क के बसों में यात्रा कर रहे हैं।
सोशल डिस्टेंस, मास्क और सैनिटाइजर जरूरी
- बड़ौत डिपो में 71 बसें परिवहन निगम और 45 बसें अनुबंधित है। जो बड़ौत से विभिन्न मार्गों पर चलती हैं। जिनमें प्रतिदिन सैंकड़ों लोग यात्रा करते हैं। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार बस स्टैंड परिसर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कर्मचारी व यात्रियों को दो गज की दूरी बनाकर खड़े होना होगा। इसके लिए गोल चिन्ह भी बनाए गए थे। इसी प्रकार बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एक सीट पर एक ही यात्री को बैठने की अनुमति है। यानी खाली रहने वाली सीट पर निशान भी बनाए गए थे। अब हालात ऐेसे बन चुके है। यहां न तो निशान रहे और न ही सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है। विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी नियमों को तोड़ रहे हैं। बसों में यात्री सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे हैं।
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थर्मल स्केनिंग में खानापूर्ति
- यात्रियों के बसों में सफर से पहले थर्मल स्केनर से यात्री का तापमान लिया जाना बेहद जरूरी है। विभाग ने बस परिचालक को मशीनें भी दी हुई हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। काफी परिचालक खानापूर्ति कर रहे हैं। यह स्थित बसों में ही नहीं बल्कि बस अड्डों पर भी देखी जा रही है। इसके अलावा रोडवेज व प्राइवेट बसों में स्टाफ खुद बिना मास्क व हैंड सेनिटाइजिंग के बसों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
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यहां से इन स्थानों के लिए दौड़ रही हैं बस
- बडौत से शामली, बागपत, लोनी, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर, छपरौली, अमीननगर सराय, मेरठ।
- बिना मास्क के यात्रियों को बसों में न चढ़ाने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित किया जा चुका है। थैमल स्कीनिंग भी कराई जा रही है, यदि लापरवाही हो रही है तो औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।--- नरेन्द्र मान, प्रभारी संचालक डिपो बड़ौत।
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