बड़ौत। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने सोमवार को संसद में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के हीरो और देश खाप के चौधरी बाबा शहीद शाहमल के नाम पर राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग उठाई।
सदन में डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि बागपत की पुरानी देवभूमि का, बागपत की बागी भूमि के इतिहास का, राष्ट्रीय वरासत का, नेतृत्व वीरता और शहादत और आधुनिक इतिहासकारों की आपराधिक उदासीनता का आपके माध्यम से भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूूं। विशेष रूप से शिक्षा मंत्री का जो यहां बैठे हैं, उनसे निवेदन करना चाहता हूं कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जिसकी कोई रियासत नहीं थी, जिसका कोई राज्य नहीं था। बागपत के बाबा शाहमल ने छह हजार किसानों को एकत्र कर अंग्रेजों के दांतों के तले चने चबवाएं और 18 जुलाई को उनकी शहादत हो गई और उनके 22 साथियों को फांसी पर लटक दिया और उनके 32 साथियों को पत्थर के कोल्हू को पिसवा दिया, 27 गांवों को बागी बनाया और लगभग 300 लोगों को उस समय ंकाला पानी भेजा। मैं भारत सरकार से यह निवेदन करता हूूू कि बाबा शहीद शाहमल के नाम से एक राष्ट्र्ीय स्मारक घोषित किया जाए और इन बहादुरों नौजवानों, इन शहीदों के बारे में इतिहास में दर्ज किया जाए।