बागपत। कोरोना महामारी के चलते बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार छिन गए। वे भुखमरी के कगार पर पहुंच गए। कुछ परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया। ऐसी विषम परिस्थितियों में सर्वसमाज के लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए। जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ते चले गए। जिले से गुजरने वाले हजारों प्रवासियों को भोजन, पानी व जरूरत का अन्य सामान उपलब्ध कराया गया। नगर में हर जरूरतमंद और गरीब परिवार के घर राशन और भोजन पहुंचाया गया। अग्रवाल मंडी टटीरी के युवाओं ने भी घर-घर जाकर राशन बांटा। मुस्लिम समुदाय के लोगों को रोजा इफ्तारी कराई।
कोरोना काल में चिकित्सक, पुलिसकर्मी और सफाई कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। ये लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए दिन-रात जुटे रहे। लॉकडाउन के चलते रोजगार छिनने के बाद दूसरे राज्यों के प्रवासियों का जिले से होकर गुजरने का सिलसिला शुरू हुआ तो सर्वसमाज के लोग उनकी मदद के लिए आगे आए। बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद की मदद की गई। प्रवासियों और गरीबों को भोजन कराने के लिए सर्वसमाज के सहयोग से सीता रसोई चलाई गई। रसोई के संचालक कृष्णपाल, सतेंद्र शर्मा, गौरव गर्ग, पवन कश्यप, अजय जैन, विक्की सैनी समेत समाज के सैकड़ों लोगों ने भोजन की व्यवस्था कराई।
भरा हर गरीब का पेट
नगर में 56 दिन तक सीता रसोई चलाई गई। रसोई में प्रतिदिन 800 से एक हजार लोगों का खाना तैयार कराया जाता था। समाज के लोगों ने 56 दिन तक दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बागपत, गौरीपुर मोड़, मेरठ-बागपत रोड और पेरिफेरल से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को खाना बांटा। इसके अतिरिक्त नगर में गरीब परिवारों के घर राशन पहुंचाया।
युवा वर्ग ने निभाई जिम्मेदारी
कोरोना काल में जिले के व्यापारी और युवा भी मदद करने में पीछे नहीं रहे। हर किसी ने अपनी सामर्थ्य के मुताबिक जरूरतमंदों की सेवा की। अग्रवाल मंडी टटीरी के समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता, अंकुर शर्मा व मोनू पहलवान ने सहयोगियों के साथ घर-घर जाकर लोगों को भोजन व राशन के पैकेट बांटे। समाज के लोगों ने लॉकडाउन के दौरान मुस्लिम समुदाय को रोजा इफ्तारी के लिए भी सामान वितरित किया।