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दिल्ली के लिए नेशनल हाईवे पर जाइए तो सोनीपत के लिए सिसाना रोड जाना पड़ेगा

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बागपत सिसाना रोड पर सोनीपत बहालगढ़ जाने के लिए हरियाणा रोडवेज बस का इंतजार करते यात्री - फोटो : BAGHPAT
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40 हजार यात्री करते हैं रोज मेरठ, सोनीपत, बड़ौत और दिल्ली के लिए सफ र
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49 बसें चलती है मेरठ-बागपत रूट पर, इनमें रोडवेज बसें केवल 12 ही हैं
38 बसें चलती हैं दिल्ली-सहारनपुर रूट पर रोडवेज और निजी दोनों मिलाकर
02 बसें ही चलती हैं बागपत और सोनीपत के बीच, घंटों करना पड़ता है इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला मुख्यालय पर बस अड्डा नहीं बनने से किसी एक स्थान से यात्रियों को बसें नहीं मिलती हैं। किसी को दिल्ली या बड़ौत, सहारनपुर जाना है तो हाईवे पर आना होगा, सोनीपत जाना है सिसाना रोड़ पर जाना पड़ता है। हाईवे पर बसों के रुकने का भी स्थान नियत नहीं है, चालक जगह देखकर बसों को रोकते हैं, ऐसे मुसाफिरों को सामान उठाकर बसों के पीछे दौड़ना पड़ता है।
बागपत से रोजाना करीब 40 हजार यात्री दिल्ली, मेरठ, सोनीपत, बड़ौत समेत अन्य जगहों के लिए सफर करते हैं। बस अड्डा नहीं होने के कारण हर जगह की बस अलग-अलग खड़ी होती हैं। सोनीपत की बस शहर के अंदर सिसाना रोड पर खड़ी होती है तो दिल्ली जाने के लिए दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर दिल्ली की तरफ खड़ा होना पड़ता है। अगर किसी को बड़ौत जाना है तो उसे राष्ट्र वंदना चौक पर बड़ौत की तरफ खड़ा होना पड़ता है। इस तरह ही मेरठ जाने के लिए मेरठ रोड पर शिव मंदिर के पास खड़ा होना पड़ता है।
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बागपत से बाहर के यात्रियों को परेशानी ज्यादा
बागपत शहर से जाने वाले यात्री सीधे उसी जगह पर पहुंच जाते हैं, जहां से उसे उस जगह की बस मिलती हैं, लेकिन सबसे ज्यादा समस्या उन यात्रियों के लिए होती हैं जो बाहर से आते हैं और उनको दूसरी जगह जाना होता है। ऐसे में सामान भी साथ होने पर यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती हैं। ई-रिक्शा का सहारा लेते हैं तो एक यात्री को बीस रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।
यात्री करतें हैं घटों इंतजार
फोटो बनवाने के लिए रोजाना दिल्ली जाना पड़ता है और बस के इंतजार काफी देर तक सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है। बस अड्डा बन जाए तो आराम से बैठ सकते हैं और बस का घंटों इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अंकुर जैन, बड़ा बाजार बागपत
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मेरठ, दिल्ली व सोनीपत जाना पड़ता है। मेरठ व दिल्ली की बस के लिए सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है तो सोनीपत की बस का बाजार में बैठकर इंतजार करना पड़ता है। बस अड्डा बन जाए तो सभी जगह की बस एक ही जगह मिलेगी। श्रीनिवास चौहान, पुराना कस्बा बागपत
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बागपत में बस अड्डा नहीं होने से बस भी काफी कम है और बसों के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकना पड़ता है। यहां बाहर के यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती हैं और वह पूछते रहते है कि सोनीपत की बस कहां मिलेगी तो मेरठ बस स्टैंड कहां है। जोगेंद्र शर्मा, बागपत
बस पकड़ने की दौड़ में हादसों के शिकार हो रहे यात्री
बसों के इंतजार में सड़कों पर खड़े यात्री बसों चढ़ने के लिए दौड़ते हैं और इस कोशिश में हादसे के शिकार भी हो रहे हैं। मई माह में राष्ट्रवंदना चौक पर नया गांव निवासी एक युवती बस चढ़ने के दौरान गिर पड़ी और उसके ऊपर से बस का पहिया उतर गया। हादसे में युवती की मौत हो गई। कई लोग हादसों में घायल हो चुके हैं।
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बागपत में बस अड्डे के लिए जमीन चिह्नित हो चुकी हैं। रोडवेज के अधिकारियों की तरफ से प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। बजट की मंजूरी मिलने के बाद बस अड्डे के निर्माण को लेकर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। राजकमल यादव, डीएम
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