सरकारी नर्सरी और पेड़-पौधों पर की जाएगी खाद की गुणवत्ता की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका अब शहर के कचरे का निस्तारण खाद बनाने में करेगी। नगर के मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में कचरे से खाद तैयार कराई जाएगी। इसके लिए पालिका 33 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सेंटर पर बनने वाले खाद की गुणवत्ता की जांच के लिए इसका प्रयोग सरकारी नर्सरी और पार्क के पेड़-पौधों में किया जाएगा।
बागपत नगर पालिका के ईओ ललित कुमार आर्य ने बताया कि एमआरएफ सेंटर पर रोजाना निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग कर निस्तारित किया जाएगा। इसमें कागज-गत्ता और प्लास्टिक को अलग कर अपशिष्ट से खाद तैयार की जाएगी। कूड़े से खाद तैयार करने के लिए नगर पालिका 33 करोड़ रुपये से मशीनों की खरीद करेगी। गीले कचरे से खाद बनाने के लिए कंपोस्टिंग मशीन, प्लास्टिक का कचरा कतरने के लिए ब्रेडर मशीन, कचरे की छंटनी करने के लिए ट्रोमेल मशीन लगाई जाएगी। खाद की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वप्रथम सरकारी नर्सरी, पार्क और पालिका के पेड़-पौधों में इसका प्रयोग किया जाएगा। परीक्षण के उपरांत खाद की कीमत तय कर बिक्री की जाएगी।
नगर में प्रतिदिन निकलना है 18 टन कूड़ा
बागपत। नगर में प्रतिदिन 18 टन गीला और सूखा कूड़ा निकलता है। खाद तैयार करने से लोगों को कूड़े की समस्या से राहत मिलेगी। साथ-साथ खाद की बिक्री करने से पालिका की आय भी बढ़ेगी।