बागपत। नगर के केतीपुरा में करीब पांच बीघा जमीन पर एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी) सेंटर बनाया जाएगा। प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने शनिवार को इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया। जमीन पर गेहूं की फसल बोई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक नगर से निकलने वाले कूड़े को यहां एकत्र कर उसका निस्तारण किया जाएगा।
एसडीएम बागपत रामनयन सिंह ने बताया कि बागपत बांगर के केतीपुरा में सरकारी जमीन उपलब्ध थी। वर्ष 2019 में पट्टे निरस्त होने के बावजूद कुछ लोगों ने यहां पर गेहूं की फसल उगा ली थी। शनिवार को कुल 1.1890 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त कराई गई। गेहूं की फसल पर जेसीबी और ट्रैक्टर चला दिया। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन में से पांच बीघा नगर पालिका को आवंटित की गई है, ताकि इस पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा सके। नायब तहसीलदार डीके मिश्रा, प्रभारी ईओ महेश शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एमआरएफ सेंटर पर घपेगा 18.11 मीट्रिक टन कूड़ा
बागपत। जमीन आवंटित हो जाने के बाद पालिका इस जमीन पर एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी) सेंटर बनाएगी। प्रभारी ईओ महेश शर्मा ने बताया कि करोड़ों की लागत से बनने वाले सेंटर पर कूड़ा प्रबंधन होगा। नगर से रोजाना 18.11 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कूड़े को इस सेंटर पर लाकर छंटनी किया जाएगा। जैविक खाद भी यहां तैयार होगा।
घर-घर से होगा कूड़ा उठान, पालिका की बढ़ेगी आय
बागपत। घर-घर से कूड़ा उठान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए कई कंपनियों से बात चल रही है। नगर पालिका की आय बढ़ेगी और कूड़े का सही प्रयोग भी हो सकेगा।
चार जगह ठिकाने लगाया जा रहा कूड़ा
बागपत। वर्तमान में नगरपालिका का कूड़ा नगर में चार जगह ठिकाने लगाया जा रहा है। चारों जगह अस्थायी हैं। करीब दो क्विंटल कूड़ा गाजियाबाद भी एक कंपनी को भेजा जाता है।
सुंदर बनेगा शहर, मील का पत्थर बनेगा सेंटर
बागपत। पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट का कहना है कि कूड़ा प्रबंधन हो जाने के बाद शहर सुंदर बनेगा। कूड़े को खाद और अन्य विकल्प के तौर पर प्रयोग किया जा सकेगा। जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कराकर सेंटर बनवाया जाएगा।
गेहूं काटने के लिए दिनभर भीड़
बागपत। जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची तो कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। यहां बोई गई गेहूं की फसल को चारे के रूप में प्रयोग करने के लिए पशुपालक पहुंच गए। दिनभर फसल काटने का सिलसिला चलता रहा। बच्चे भी जमे रहे।