बागपत। खेकड़ा के दूध व्यापारी राकेश यादव हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। 20 लाख रुपये के तगादे से परेशान होकर आरोपी संजीव ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर राकेश की हत्या की थी। पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल और थिनर मिश्रित ज्वलनशील पदार्थ डालकर शव को जला दिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि खेकड़ा के मोहल्ला पट्टी अहीरान निवासी राकेश यादव (44) की 11 फरवरी को हत्या कर दी गई थी। शव को रेलवे फाटक के पास ईख के खेत में जला दिया गया था। पुलिस ने छानबीन की तो 20 लाख रुपये के विवाद में हत्या करने का मामला सामने आया। एएसपी के मुताबिक बसी गांव निवासी संजीव पुत्र कंवर सिंह ने राकेश यादव से 20 लाख रुपये ले रखे थे। राकेश यादव बार-बार रुपये वापस करने के लिए तगादा करता था। इसी से परेशान संजीव ने उसकी हत्या की साजिश रची। अपने साथ खेकड़ा के ही पट्टी रामपुर निवासी अमरपाल, बालैनी थाना क्षेत्र के बुढ़सैनी गांव निवासी नीटू और बॉबी को शामिल किया। राकेश को रुपये दिलवाने के बहाने आरोपी घर से बुलाकर ले गए थे। बसी अंडरपास के निकट राकेश के सिर में ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए शव को ईख के खेत में पेट्रोल और थिनर मिश्रित ज्वलनशील पदार्थ डालकर जला दिया था। इसके बाद मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली गई है।
पैर बच जाने से हो गई शिनाख्त
बागपत। आरोपियों का अंदाजा था कि राकेश यादव का शव पूरी तरह जल जाएगा, जिससे उसकी पहचान भी नहीं हो सकेगी और वह साफ बच जाएंगे। मगर, राकेश के दोनों पैर नहीं जल सके, जिससे उसके परिवार ने पहचान कर ली। शिनाख्त होने के बाद ही देनदारी का विवाद सामने आया और हत्या की गुत्थी सुलझ सकी।