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किसानों से मन की बात करेंगे सांसद और विधायक

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- भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर आहूत बैठक में नाराजगी की वजह तलाशने पर मंथन
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- गन्ने के भाव, आवारा गोवंशीय पशु और बढ़ती महंगाई पर भी उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। किसान आंदोलन के बीच भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाकर डैमेज कंट्रोल की तैयारियां शुरू कर दी है। चर्चा के केंद्र में किसान आंदोलन रहा। गन्ना मूल्य, आवारा गोवंशीय पशु, बिजली के बढ़ते दाम का मुद्दा भी जनप्रतिनिधियों ने उठाया। तय किया गया कि सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्र में जाकर किसानों से उनके मन की बात जानने की कोशिश करें। कृषि कानूनों को लेकर जो सवाल सामने आ रहे हैं, उनका निराकरण किया जाएगा।
दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय पर आयोजित बैठक में पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के सांसद और विधायक शामिल हुए। गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद रहे। सांसद और विधायकों से किसानों की नाराजगी की वजह जानने की कोशिश की गई। पश्चिम यूपी के जनप्रतिनिधियों ने गन्ने का भाव नहीं बढ़ने का मुद्दा भी रखा गया। इसके अलावा गोवंशीय पशुओं से किसानों की परेशानी, बिजली के दाम समेत किसानों के मुद्दे रखे गए। राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में निर्देश दिए गए हैं कि सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्र में किसानों से संवाद करेंगे। कृषि कानूनों पर अगर किसी किसान को भ्रम है तो उसे दूर करने की कोशिश जरूर करें। भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता के करीब पहुंचे और उनके मन की बात करें।
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डैमेज कंट्रोल में जाटों पर होगा फोकस
बागपत। भाजपा ने डैमेज कंट्रोल की शुरूआत करेगी। फोकस जाटों पर रहेगा। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर जनप्रतिनिधियों को यह भी बताया गया है कि भाजपा ने जाटों को पूरा सम्मान दिया है। भाजपा में कितने जाट सांसद और विधायक बनें हैं। राज्यपाल भी बनाए गए हैं। इसके बावजूद अगर बिरादरी नाराज हुई है तो इसकी वजह क्या है। जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है कि नाराजगी जानने की कोशिश करें और बेहद शालीनता से किसानों के साथ संवाद करते हुए भाजपा की नीतियों के विषय में बताएं।
कृषि कानूनों पर कृषि मंत्री ने भी रखी बात
बागपत। सांसदों और विधायकों के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी कृषि कानूनों के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि कानूनों से नुकसान नहीं है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल से हुई वार्ता के विषय में भी जनप्रतिनिधियों को बताया गया।
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मंथन में शामिल हुए, लेकिन रहे खामोश
बागपत। जिले से सांसद डॉ सत्यपाल सिंह, बागपत विधायक योगेश धामा और छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला मीटिंग में शामिल हुए। लेकिन जिले के जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय नहीं रखी।
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