डीपीआओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को जारी किया आरोप पत्र, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
बावली गांव में वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति लिए बिना ही कराया सामुदायिक शौचालय का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही से श्रमिक का भुगतान मृत व्यक्ति के खाते में भेज दिया गया। सूचना के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं कराया गया है। इसके अलावा बावली गांव में वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति लिए बिना ही सामुदायिक शौचालय का निर्माण करा दिया गया है। स्पष्टीकरण मांगे जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को कोई जवाब नहीं दिया है। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा है। जवाब न देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने बताया कि 2019-20 में ग्राम पंचायत अधिकारी रेशू ने श्रमिक का खाता गलत दर्ज कर उसका भुगतान मृत व्यक्ति के खाते में करा दिया था। इसके अलावा बावली गांव में बिना वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के सामुदायिक शौचालय का निर्माण करा दिया गया है। कंडेरा व हसनपुर जिवानी गांव में पंचायत घर का निर्माण रुका हुआ है। बावली गांव के राजकीय कन्या इंटर कालेज में गेट व चारदीवारी का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बगैर ही भुगतान करा दिया गया है। जबकि मोल्हू पट्टी में सार्वजनिक चौपाल का मरम्मत कार्य होने के बावजूद भुगतान नहीं कराया गया है। डीएम के निर्देशों के बावजूद ग्राम पंचायत अधिकारी ने बावली गांव में खेल के मैदान का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है।
इसके अलावा गोवंश सर्दी से बचाव के लिए खरीदे गए तिरपाल का भुगतान और आश्रय स्थल में पशुओं के के भरणपोषण के लिए दो माह से धनराशि निर्गत नहीं की गई है। गोशाला के केयर टेकर का भुगतान राज्य वित्त से होने के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया गया है। 12 मार्च को गोवंश आश्रय स्थल के संचालक को लेकर हुई बैठक में सूचना के बावजूद प्रतिभाग नहीं किया। ग्राम पंचायत अधिकारी पर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदकों का फोन न उठाने का भी आरोप है। पूर्व में बड़ौत विधायक केपी मलिक भी खंड विकास अधिकारी से ग्राम पंचायत अधिकारी की शिकायत कर चुके है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया है। आरोप पत्र का जवाब न देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।