विलुप्त होती नदियों को चिह्नित कर 65 फीसदी बजट किया जाएगा खर्च, आयुक्त ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विलुप्त हो रही नदियों को नया जीवन देने के लिए मनरेगा से बजट खर्च किया जाएगा। उनका जीर्णोद्धार करने के लिए 65 फीसदी बजट खर्च करके उनमें पानी लाया जाएगा। ग्राम्य विकास आयुक्त ने इसके लिए सभी डीएम को पत्र भेजकर योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह की नदियों को चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा। इससे जिले की कृष्णा व हिंडन नदी की स्थिति सुधारी जा सकती है।
जिले से कृष्णा, हिंडन, यमुना नदी गुजर रही हैं। इनसे कई सहायक नदियां या रजबहे निकल रहे हैं। सरकार अब विलुप्त हो रही नदियों व सहायक नदियों को नया जीवन देने के लिए मनरेगा योजना में शामिल कर रही है। वर्ष 2022-23 में मनरेगा से 65 फीसदी बजट इस पर खर्च किया जा सकता है। जिससे इन नदियों का जीर्णोद्धार किया जा सके। नदियों को जीवन देने के लिए जल संरक्षण व पौधे लगाने का भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी सहायक, अवर अभियंता, सहायक अभियंता को जिम्मेदारी सौंपकर कार्य कराया जाएगा। इससे इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने तलब की रिपोर्ट
बागपत। उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने डीएम से हिंडन नदी के दूषित जल से भूजल प्रदूषित होने के मामले में रिपोर्ट तलब की है। दूषित जल हैंडपंपों के माध्यम से स्कूल के बच्चे पीते हैं। इससे उनकी सेहत खतरे में पड़ सकती है। उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायत मिली कि हिंडन नदी शरफाबाद के पास से निकलती है। जिला प्रोबेशन अधिकारी तूलिका शर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर भूजल प्रदूषण की शिकायत निस्तारण कराने को रिपोर्ट पंचायत राज एवं विकास विभाग को भेजी गई है।