बागपत में टीबी और एड्स पीड़ितों के नियमित उपचार के लिए विभाग ने मिस्ड कॉल की सुविधा शुरू की है। मरीज को दवा खाकर दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल करनी होती है। अगर मिस्ड कॉल नहीं मिली तो मरीज ने दवा नहीं खाई, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचकर हाल जानती है।
नियमित उपचार के लिए इन बीमारियों से ग्रस्त रोगियों के लिए टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की गई है। एचआईवी से पीड़ित मरीजों को जो दवाइयां दी जा रही है उस पर ही एक टॉल फ्री नंबर लिखा हुआ है, जिस पर हर रोज मिस्ड कॉल करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिस्ड कॉल के जरिए जानकारी मिलती है कि रोगी दवा खा रहे हैं या नहीं। जिले में पांच एचआईवी और टीबी के मरीजों का मिस्ड कॉल के जरिये अपडेट लिया जा रहा है। मरीज दवाई लेना भूल जाता है या कॉल नहीं कर पाता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंचकर दवाइयां खिलाने के लिए पहुंच जाती है। जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष पांडेय ने बताया कि जो मरीज मिस्ड कॉल कर रहा है उसका रजिस्ट्रेशन पहले लखनऊ होता उसके बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना मिलती है।
उधर, एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल ने बताया कि यह व्यवस्था मार्च माह से शुरू हुई है। इससे एचआईवी के साथ-साथ टीबी के मरीजों का भी इसी प्रकार उपचार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की आेर से ऐसे अन्य कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि शासन से मिल रहे निर्देशों के अनुसार ही विभाग की ओर से अनुपालन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारांे को काफी हद तक राहत मिल सकेगी।