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घर लौटे प्रवासियों ने गांव की माटी में तलाशी रोजी-रोटी

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बड़ौत। कोरोना संकट में गैर प्रांतों से घर लौटे प्रवासी अब गांव की माटी में रोजी-रोटी तलाश रहे हैं। इसकी बानगी हिलवाड़ी गांव में देखने को मिली, जहां पर विभिन्न जगहों से आए प्रवासी मजदूर अब खेती करने में जुट गए है। उनका कहना है कि अब हम वापस नहीं जाएंगे और गांव में ही रखकर रोजगार के अवसर तलाशेंगे।
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सहयोगी के रूप में किसान के साथ कर रहे खेती
गांव का कल्लू कानपुर में चमड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। लॉकडाउन में घर आने पर उसने रोजगार की तलाश की, लेकिन रोजगार नहीं मिल पाया। इसके बाद वह गांव के ही एक किसान राजवीर के साथ खेती के कार्य मेें सहयोगी के रूप में जुट गया।
बंटाई पर ली जमीन, कर रही सब्जी की खेती
बड़ौत। गांव का ही दिनेश फीरोजाबाद में चूड़ी फैक्ट्री में काम करते थे। 15 अप्रैल को घर आए तो दिल्ली सहारनपुर हाईवे स्थित उद्यान विभाग पर पहुंचा और खेती की जानकारी जुटाई। फिलहाल वह बंटाई पर डेढ़ बीघा जमीन लेकर सब्जी की खेती कर रहा है।
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जमा पूंजी हुई खत्म, अब मनरेगा योजना में कर रहे नहर की सफाई
बड़ौत। गांव का ही एक अन्य प्रवासी मजदूर राजेश जौनपुर की एक फैक्ट्री में पैकिंग करने का काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद घर आ गया। उसने बताया कि जौनपुर से गांव तक आने पर सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। फिलहाल वह मनरेगा की तरह रजबहों व माइनरों की सफाई कार्य कर रहा है। उसके साथ गांव के भी अन्य प्रवासी मजदूर मनरेगा के तहत काम मेें जुटे है।
214 मजदूरों को दिया गया मनरेगा के तहत कार्य
बड़ौत। लॉकडाउन के कारण बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को काम देेने के मामले में जनपद के छह ब्लाक मुख्यालयों में से बड़ौत ब्लाक नंबर एक चल रहा है। बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि बड़ौत ब्लाक मुख्यालय के अंतर्गत 44 गांव आते है, जिनमें लगभग 160 से अधिक परिवार बाहर से आए है। यानी कुल मिलाकर मजदूरों के परिवार के सदस्यों की संख्या 850 के लगभग है। ब्लाक स्तर पर सर्वे कराकर 214 इच्छुक मजदूरों को मनरेगा के तहत काम किया गया है। अभी भी ग्राम सचिवों को गांव में भेजकर मजदूरों को मनेरगा योजना के तहत गांव करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पहले मिलते थे 182, अब मिलते है 202
बड़ौत। मनरेगा मजदूरों को पहले मनरेगा योजना के तहत काम करने के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 182 रुपये मिलते थे, लेकिन अब केन्द्र सरकार ने 20 रुपयों की बढ़ोत्तरी कर दी है। मनरेगा मजदूरों को 202 रुपये मिलना शुरू हो गया है।
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जनपद मेें मनरेगा की स्थिति
ब्लाक का नाम गांव की संख्या मजदूरों की संख्या
बड़ौत 44 214
बागपत 44 124
बिनौली 53 152
छपरौली 26 117
खेकड़ा 37 78
पिलाना 41 205
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