बड़ौत। कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के बीच पंचायत चुनाव है। जिले में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशी प्रवासी मजदूरों को अपने खर्च पर बुला लिए हैं। ये श्रमिक अपने साथ महामारी ला सकते हैं। खास बात यह है कि ऐसे मजदूरों को क्वारंटीन करने की भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई तैयारी नहीं की है। ऐसे में महामारी से बचने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों से दूरी बनाना होगा।
इस मतदान में दूसरे राज्यों में काम करने वाले बागपत जिले के श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। मतदान के लिए प्रत्याशी अपने खर्चे पर इन श्रमिकों को गांव बुला रहे हैं। ये प्रवासी मजदूर पंजाब, दिल्ली, मुंबई व गुजरात समेत अन्य प्रांतों से आ रहे हैं। जहां इन दिनों संक्रमण का फैलाव अधिक है। ऐसे हालात में ये श्रमिक कोरोना संक्रमण के फैलाव की कड़ी भी बन सकते हैं। मगर, इस बार इन श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटरों में रखने की अभी तक कोई योजना नहीं है। ऐसे में महामारी से बचने के लिए लोगों को अधिक एहतियात बरतनी होगी। बेहतर होगा कि दूसरे राज्यों से आने वालों से सामाजिक दूरी बनाएं। मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। वरना आप पंचायत चुनाव के शोर में संक्रमण की जद में आ सकते हैं। इस संबंध मेें सीएचसी अधीक्षक डा विजय कुमार का कहना है कि ग्राम निगरानी समिति को ऐसे श्रमिक मजदूरों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
गत वर्ष लौटे थे 4500 श्रमिक
वर्ष 2020 में लाकडाउन लगने पर देश के अलग-अलग राज्यों से श्रमिक अपने घरों को लौटे थे। कोई ट्रेन से आया तो कोई ट्रकों में बैठकर अपने घर पहुंचा। बहुत से लोग पैदल ही घर का सफर तय कर लौटे थे। जिले में 4500 श्रमिक आए थे। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए 14 से 28 दिनों के लिए श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था। जांच में करीब सौ से अधिक से श्रमिक संक्रमित मिले थे। पंचायत चुनाव में 19 अप्रैल को मतदान होगा।