अमीनगर सराय (बागपत)। नगर के श्वेतांबर जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा में साध्वी संगीता ने कहा कि भाव सुधरने से ही भाग्य को बदला जा सकता है। उन्होंने चिंता त्यागकर चिंतन करने का संदेश दिया।
सर्वप्रथम टोनी जैन ने वंदना कर गुरू की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत साध्वी ने भजन प्रस्तुत कर सभी को चिंता त्यागकर चिंतन करने का संदेश दिया। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि सुख की चिंता इंसान को चिंतन से दूर से जाती है, उसके दु:खों का कारण बनती है। चिंता छोड़कर चिंतन करने से ही मानव का कल्याण संभव है। अहंकार करना आत्मघाती होता है जो मानव को विनाश की ओर ले जाता है। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान कराने के लिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता है। बच्चों पर नजर रखकर ही उन्हें कुरीतियों से बचाकर संस्कारवान बनाया जा सकता है। सच्चा पुरुषार्थ आत्मचिंतन से शुरू होता है और व्यक्ति को परम पद तक लेकर जाता है। धर्मसभा में वीरसेन, इंदरपाल वर्मा, रविंद्र जैन, दिनेश जैन, अनिल जैन, अशोक जैन ,सतेंद्र, नरेश, विपुल, सुनील जैन मौजूद रहे।