शुक्रवार दोपहर बाद मौसम का बदला मिजाज
रोकनी पड़ी गेेहूं की थ्रेसिंग, राहगीरों को करना पड़ा परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मौसम का मिजाज शुक्रवार दोपहर बाद अचानक बदल गया। अंधड़ के साथ बूंदाबांदी होने लगी। दिन में ही अंधेरा हो गया। इससे मौसम में गर्माहट कम हुई, लेकिन खेतों में पकी फसल को लेकर किसानों की बेचैनी बढ़ गई। किसान फसल समेटने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। थ्रेसिंग भी रोक देनी पड़ी। वहीं अंधड़ के चलते उड़ी धूल से राहगीराें को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को दिनभर तेज धूप के बाद शाम करीब चार बजे से जनपद में हवा तेज हो गई। इसके बाद हवा तेज अंधड़ में बदल गई। शहरी क्षेत्र में लोग किसी तरह चेहरा ढककर बाहर सड़कों पर निकले। धूल के गुबार से लोग बेहाल हो गए। वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। चालकों ने ट्रक हाईवे किनारे खड़े कर दिए। दुपहिया वाहन चालकों को भी कुछ देर रुकना पड़ा। क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल कटाई का काम जोरों पर है। कई जगह खेतों में फसल और थ्रेसिंग के बाद भूसा पड़ा है। अंधड़ से फसल और भूसा उड़ने लगा। यह देख किसान परेशान हो उठे। लोगों ने खेतों में पहुंचकर अपनी फसल सुरक्षित करने का प्रयास किया। खेत में पड़े भूसे पर पानी का छिड़काव किया। कुछ देर बाद बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। देर शाम तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। इससे मौसम सुहाना हो गया। धूल का गुबार बंद होने से लोगों ने ठंडी हवाओं से राहत ली। बूंदाबांदी से किसान फसल भीगने का डर परेशान करता रहा।
किसान कृष्णपाल, राममेहर, सुखबीर सिंह, लखमीचंद, विनोद, धर्मपाल आदि का कहना है कि फसल पकने के समय अंधड़ और बूंदाबांदी से किसानों को काफी नुकसान होगा। उधर, बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने बताया कि यदि मौसम खराब हुआ को गेहूं कटाई प्रभावित होगी।
अंधड़ में चुनाव स्टेशनरी का सामान भी उड़ा
निर्वाचन कार्यालय पर सोमवार को होने वाले त्रिस्तरीय चुनाव की तैयारी चल रही है। कर्मचारी पोलिंग पार्टियों के लिए स्टेशनरी और किट तैयार कर रहे हैं। करीब चार बजे अचानक अंधड़ चलने से स्टेशनरी का सामान भी उड़ गया। कर्मचारियों ने किसी तरह सामान फिर से एकत्र किया।