बुढ़ेडा गांव के प्रॉपर्टी डीलर नीरज भाटी की फिल्मी अंदाज में अग्रवाल मंडी टटीरी में की गई हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के ईनामी बदमाश सचिन नंदा के मकान की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को कुर्की की है। उधर, मुकीम काला के साथी कुर्बान के हत्यारोपी महबूब उर्फ बूबा के मकान की भी कुर्की की गई है।
नीरज भाटी को अग्रवाल मंडी टटीरी में गोली मार दी गई थी। जिसकी दिल्ली अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। उसने सीएचसी अस्पताल में पुलिस को बयान दिए थे कि उसकी हत्या जोगेंद्र बली ने की है। मृतक के चाचा बलराज सिंह ने कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 मई की सुबह बली गांव के जोगेंद्र, सतीश और कल्लू (जोगेंद्र का दोस्त ) सैंट्रो कार से घर पर आए थे। उन्होंने उनके भतीजे नीरज से कहा था कि रुपये के हिसाब किताब की बात करनी है। सतीश बली के ऑफिस पर आ जाना।
थोड़ी देर बाद नीरज घर से चला गया था। इसी दौरान वे, अपने भतीजे धीरज (नीरज के भाई) के साथ सतीश के ऑफिस पर पहुंचे थे। वहां पर पहले से ही सचिन नंदा, और ओमप्रकाश उर्फ ओमी (योगेंद्र का पिता) बैठे हुए थे। ओमप्रकाश कह रहा था कि नीरज की हत्या करनी है। उसने यह बातें अपने बेटे योगेंद्र के अलावा कल्लू सतीश को बता रखी है। कुछ ही देर बाद वे नीरज को कार में लेकर ऑफिस पर पहुंचे। ऑफिस के अंदर पर्दा डालकर बातें करने लगे। कुछ ही देर बाद वहां पर शोर-शराबा सुनाई दिया। उन्होंने पर्दा के बराबर से देखा तो वे नीरज को गोली मार रहे थे। बाद में वे कार से वहां से चले गए थे। उन्होंने छिपकर अपनी जान बचाई। तभी गश्त कर रही पुलिस वहां पर पहुंची।
पुलिस ने घायल अवस्था में नीरज को सीएचसी में भर्ती कराया। बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस आरोपी हिस्ट्रीशीटर जोगेंद्र, उसके पिता ओमप्रकाश के अलावा कल्लू और सतीश को जेल भेज चुकी है। आरोपी सतीश को पुलिस ने बाद में क्लीनचिट दे दी थी। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि केस में फरार चल रहे ईनामी बदमाश सचिन नंदा के मकान की शुक्रवार को कुर्की की गई है।
बागपत। मोस्टवांटेड रहे बदमाश मुकीम काला के बेहद करीबी साथी कुर्बान की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी बागपत नगर पालिका के सभासद महबूब उर्फ बूबा के मकान की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को कुर्की की है। इस दौरान आरोपी की पत्नी से पुलिस की काफी नोकझोंक हुई।
बागपत की माता कालोनी के निकट यमुना पुस्ता नंबर 3 पर 6 अगस्त 2015 की रात लहूलुहान हालत में युवक की लाश पड़ी हुई मिली थी। शव की शनाख्त शामली के जंधेड़ी गांव के कुर्बान के रूप में हुई थी। वह मुकीम काला का साथी था। उस पर 12 हजार रुपये का ईनाम था। मृतक के भाई गय्यूर ने कोतवाली पर बागपत नगर पालिका के सभासद महबूब उर्फ बूबा, मुजफ्फरनगर के अटेरना गांव के इरशाद उर्फ काला, जंधेड़ी निवासी मुर्रसलीम और साजिद पर कुर्बान की हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी इरशाद जेल जा चुका है।
जबकि मुर्रसलीम की हत्या हो चुकी है। आरोपी साजिद और सभासद महबूब फरार चल रहे हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। शुक्रवार को पुलिस टीम आरोपी महबूब के मकान की कुर्की करने के लिए पहुंची। वहां पर उसकी पत्नी खुर्शीदा मौजूद थी। उसने कुर्की का विरोध किया। इस दौरान पुलिस की उससे काफी नोकझोंक हुई। खुर्शीदा ने पति को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया है।