शहर के ट्रांसपोर्टर दिल्ली एनसीआर ईसीसी शुल्क और बीएस 4 वाहन प्रतिबंध सहित विभिन्न मुद्दों पर 21 से 23 मई तक हड़ताल पर रहेंगे। इस बंदी से शहर के कारोबार को 25 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने इसकी पुष्टि की है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर यह बंदी की जा रही है। बुधवार शाम को मेरठ के 14 हजार ट्रकों को उनके स्थानों पर रोक दिया गया है। ट्रांसपोर्ट मेरठ एसोसिएशन अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि चार मुख्य विषयों पर बंदी हो रही है। संगठन महामंत्री दीपक गांधी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यापारियों का उत्पीड़न स्वीकार नहीं है। इस विषय पर पूरे शहर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी एकजुट हैं। एनसीआर में कुल 17 लाख ट्रक रोके गए हैं। बंदी का सर्वाधिक प्रभाव पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ पर होगा। सरकारी विभागों ने विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशनों से जानकारी जुटाई है।
ट्रांसपोर्ट व्यापारी रोहित कपूर ने बताया कि पार्सल व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। खाद्यान्न सहित एक दिन में निर्माण कर आपूर्ति देने वालों को सर्वाधिक समस्या आएगी। नवीन सब्जी मंडी अध्यक्ष भूषण शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की हड़ताल से फल और सब्जी की आपूर्ति प्रभावित होना तय है। हालांकि दिल्ली में बंदी के चलते लोग मेरठ से आपूर्ति देंगे, ऐसी संभावना है।
औद्योगिक क्षेत्र में चिंता
ध्यानचंद नगर सहित शहर के विभिन्न औद्योगिक एसोसिएशनों ने बंदी पर चिंता व्यक्त की है। ध्यानचंद नगर एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने कहा कि उनके क्षेत्र में 120 से अधिक उद्योग संचालित हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे आपूर्ति दे रहे हैं। ऐसे में आपूर्ति की बंदी कारोबार को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी।
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