चीनी मिल में आज से शुरू हो सकती है पेराई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। निजी क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के लगभग सवा दो सौ करोड़ रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ अनिल कुमार भारती ने मिल को नोटिस जारी किया गया है। मिल का नया पेराई सत्र बृहस्पतिवार से आरंभ होने की संभावना है। मिल की ओर से कर्मचारियों को कॉल की गई है।
मलकपुर चीनी मिल के पेराई सत्र को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनीं हुई है। मिल ने कर्मचारियों को सूचना भेजी है कि 12 नवंबर से पेराई शुरू की जाएगी। लेकिन मिल अधिकारियों का कहना है कि देर रात ही इस पर फैसला होगा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी मिल दो बार तारीख बता चुकी है, जल्द से जल्द पेराई शुरू कराने का दबाव बनाया जा रहा है। चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र के करीब सवा दो सौ करोड़ रुपये बकाया हैं।
कैसे मनेगी दिवाली, 480 करोड़ रुपये बकाया
बागपत। जिले के किसान 12 चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। पिछले पेराई सत्र का चीनी मिलों पर अभी भी 480 करोड़ रुपये बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ अनिल कुमार भारती ने बताया कि रमाला, बागपत, मलकपुर, किनौनी, दौराला, नंगला मल, तितावी, खतौली, भैसाना, ऊन, ब्रजनाथपुर और मोदीनगर चीनी मिल पर किसानों के एक नवंबर तक के करीब 480 करोड़ रुपये बकाया है। बकाए के भुगतान के लिए मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है।
चीनी मिलें जरूरी चलीं, क्रय केंद्रों के लिए जारी नहीं किया गया इंडेंट
बागपत। सहकारी चीनी मिल रमाला का पेराई सत्र शुरू हुए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक तौल केंद्रों का इंडेंट जारी नहीं किया गया है। रमाला चीनी मिल क्षेत्र में इस बार 20 क्रय केंद्र हैं, लेकिन बुधवार को सिर्फ भगवानपुर नांगल गांव के एक तौल केंद्र का इंडेंट जारी किया गया है। रमाला मिल के प्रबंधक डॉ आरबी राम का कहना है कि प्रत्येक केंद्र के लिए जल्द ही इंडेंट जारी होगा। फिलहाल चीनी मिल गेट पर आ रहे गन्ने से चल रही है। उधर, बागपत चीनी मिल क्षेत्र में 32 तौल केंद्र हैं। किसानों का कहना है कि पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। जिससे उनके सामने गेहूं बुआई का संकट खड़ा होगा। भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक का कहना है कि किसानों को पर्याप्त इंडेंट दिया जाना चाहिए। अगर नवंबर में इंडेंट नहीं मिला तो गेहूं की बुआई कैसे होगी।